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बिजली विभाग कर्मचारियों की हड़ताल खत्म होने पर ग्रामीण क्षेत्र में सेवा वहाल हुई

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विजली विभाग के कर्मी वृक्षो की कटाई करते हुए - फोटो : RSPURA
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आरएस पुरा। बिजली विभाग के कर्मचारियों की हड़ताल के कारण सीमावर्ती क्षेत्रों में आपूर्ति चार दिन बाद सुचारु रूप से बहाल हो पाई है। इससे ग्रामीणों को काफी हद तक राहत मिली।
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मंगलवार को दिन निकलने पर बिजली विभाग के जेई सहित लाइनमैन बिजली सेवा बहाल करने के लिए कार्य करते हुए नजर आए। कई स्थानों पर वृक्षों की कटाई कर बिजली सेवा बहाल करने की व्यवस्था की। दूसरी ओर लोगों को भी काफी हद तक राहत मिली।
सीमावर्ती गांव में बिजली ठप होने पर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। किसानों को बिजली की आपूर्ति नहीं होने पर लगाई फसलों को पानी नहीं मिल रहा था। मंगलवार को बिजली सेवा बहाल होने पर ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को राहत मिली। इन दिनों पड़ रही कड़ाके की सर्दी से लोगों को पहले ही जीना मुहाल था और बिजली विभाग के कर्मचारियों द्वारा की जा रही हड़ताल के चलते लोगों को परेशानियों में बढ़ोतरी होने पर लोगों को चार दिन बाद बिजली की आपूर्ति हो पाई। हालत यह थे कि ग्रामीण क्षेत्र में किसानों को मवेशियों के लिए तालाबों आदि से पानी भरकर लाना पड़ा।
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माकपा नेता किशोर कुमार ने कहा कि राज्य शासन विफल साबित होने पर जम्मू-कश्मीर में विधानसभा कराए जाए ताकि लोगों को जनप्रतिनिधि मिलने पर लोगों के कार्य हो सकें। ब्यूरोक्रेट मनमानी कर राज्य में केंद्र सरकार के इशारों पर निगमीकरण कर रहे, जिससे आने वाले समय में लोगों को दिक्क्तों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र की सरकार की किसान व युवा वर्ग के लोगों की दिक्कतों का समाधान नहीं कर पाई। राज्य व देश में बेरोजगारी में बढ़ोतरी हो रही है। काफी समय से डेलीवेजर हड़ताल करने के साथ विरोध-प्रदर्शन कर रहे, पर सरकार के कान में जूं तक नहीं रेंग रही। डिजिटल इंडिया का नारा देने वाली केंद्र सरकार को पहले लोगों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने के साथ कर्मियों को स्थायी किया जाए, ताकि वह परिवार का खर्च चला जीवन-यापन कर सकें।
बिजली कर्मचारी लौटे काम पर, आपूर्ति सुचारु करने में जुटे
सांबा। बिजली कर्मचारियों को प्रशासन का आश्वासन मिलने पर वह काम पर लौट आए हैं। मंगलवार को दिन भर कर्मचारी बिजली की प्रभावित आपूर्ति को सुचारु करने में जुटे रहे।
कर्मचारी संगठन के नेता रवि शर्मा व सुरजीत खजुरिया ने कहा कि यूटी प्रशासन के लिखित आश्वासन पर कर्मचारी काम पर लौटे हैं। उन्होंने बार एसोसिएशन व आम लोगों का धन्यवाद किया कि उन्होंने सरकार के निर्णय का विरोध कर कर्मचारियों के हक में आवाज उठाई है। उन्होंने प्र्रशासन से मांग उठाई है कि विभाग के डेलिवेजरों को पक्का किया जाए।
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हड़ताल लंबी चलने का था अंदेशा
सांबा। बिजली कर्मचारियों की हड़ताल पर चले जाने से एलजी के अनुरोध पर केंद्र सरकार ने सेना को ग्रिड स्टेशनों पर पहुंचने के निर्देश जारी किए। प्रशासन को अंदेशा था कि बिजली कर्मचारियों की हड़ताल लंबी न चले, जिसके लिए सेना की टेक्निकल इकाई के जवानों को लुधियाना व पठानकोट से मंगाया गया था। जो सोमवार रात को सांबा पहुंचे थे। बिजली कर्मचारियों ने काम संभाल लेने पर सेना के जवान अपनी बैरकों में लौट गए।
लोगों ने ली राहत की सांस
बाड़ी ब्राह्मणा। बिजली कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म कर दी है। इसको लेकर आपूर्ति मंगलवार सुबह से ही सुचारु हो गई। बाड़ी ब्राह्मणा और आसपास क्षेत्रों में भी सुबह 9 बजे के करीब बिजली सुचारु कर दी गई। इसको लेकर लोगों में खुशी है। बिजली की समस्या से 3 दिन से जूझ रहे लोगों ने बताया कि हम अपनी जिंदगी में यह दिन कभी नहीं भूल सकते और साथ में सरकार को इन मुद्दों का पहले ही अंदाजा लगा लेना चाहिए। लोगों ने बताया कि बिजली बंद होने की वजह से उनके कारोबार, बच्चों की पढ़ाई और घरेलू काम का जो पर काफी बुरा असर पड़ा है। संवाद
अरनिया में 72 घंटे बाद बहाल हुई बिजली
लोगों ने ली राहत की सांस।
अरनिया। 72 घंटों बाद मंगलवार सुबह साढे़ छह बजे विद्युत आपूर्ति को बहाल कर दिया गया, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। वहीं पानी की किल्लत से जूझ रहे लोगों ने सबसे पहले पानी की टंकियों को भरना शुरू कर दिया।
हालांकि सुबह दस बजे फिर से आपूर्ति ठप हो गई, जिसे शाम चार बजे बहाल कर दिया गया। इसी बीच लोगों को पानी से लेकर मोबाइल चार्जिंग की काफी परेशानी हुई। ज्यादातर लोगों को फोन बंद रहे। वहीं कोरोना सहित हर मुश्किल में लोगों को राहत पहुंचाने में माहिर सीमावर्ती पंचायत हल्का त्रेवा की सरपंच बलबीर कौर ने पंचायत के लोगों को राहत दिलाने में इस बार सीमा प्रहरियों की मदद मांग कर लोगों की समस्याओं का निवारण किया।
बिजली की मार झेल रहे लोगों को राहत दिलाने के लिए बलबीर कौर ने सीमा पर बीएसएस के अधिकारियों से जेनरेटर मुहैया कराने की गुजारिश की, जिसे उन्होंने मान लिया और खुद हर ट्रांसफार्मर पर आधा-आधा घंटा आपूर्ति दी गई।
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