जम्मू। स्टेट ऑर्गन एंड टिशू ट्रांसप्लांट आर्गेनाइजेशन (सोटो) जेएंडके ने जीएमसी के नेत्र विज्ञान विभाग के सहयोग से शुक्रवार को शिविर लगाया। इसमें लोगों को अंगदान के लिए जागरूक किया गया। आजादी का अमृत महोत्सव के तहत जीएमसी जम्मू में लगाए शिविर में कार्निया, किडनी, लीवर आदि अंगों पर मरीजों और अस्पताल में आए लोगों को जागरूक किया गया।
जीएमसी की प्रिंसिपल डॉ. शशि सूदन ने अपने महत्वपूर्ण अंगों को दान करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि लोग आंखें और अन्य अंगदान के लिए आगे आएं, क्योंकि एक व्यक्ति मृत्यु के बाद अपने अंगदान से आठ लोगों को नया जीवन दे सकता है। देश में प्रत्यारोपण की जरूरत वाले मरीजों और उपलब्ध अंगों के बीच काफी अंतर है। हर साल 1.8 लाख से अधिक लोग गुर्दा खराब होने से पीड़ित होते हैं और प्रति वर्ष गुर्दा प्रत्यारोपण की संख्या 7000 से कम है। हर साल दो लाख लोग लीवर की बीमारी से जान गंवा रहे हैं। भारत में सालाना 25-30 हजार लीवर प्रत्यारोपण की जरूरत है, लेकिन सिर्फ 1500 ही हो रहे हैं। डॉ. सतीश गुप्ता एचओडी नेत्र विज्ञान विभाग ने कहा कि कार्निया किसी भी उम्र का व्यक्ति दान कर सकता है। इस दौरान अस्पताल आए लोगों और कर्मचारियों ने अंगदान के लिए शपथ पत्र भरे। राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा आठ सितंबर तक जारी रहेगा।