जम्मू। पीएमओ में मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि स्वरोजगार के कई स्टार्टअप के रास्ते सरकारी नौकरियों की तुलना में अधिक आकर्षित हैं। हमें सरकारी नौकरी की मानसिकता में बदलाव लाना होगा। सीएसआईआर-इंडियन इंस्टीट्यूट आफ इंटीग्रेटेड मेडिसिन (आईआईआईएम) में सीएसआईआर-अरोम मिशन फेज -3 के तहत किसानों के लिए एक दिवसीय जागरूकता सह प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद डॉ. सिंह ने कृषि स्टार्टअप, युवा उद्यमियों और किसानों से विभिन्न विषयों पर चर्चा की।
एक युवा उद्यमी ने बताया कि केवल एक हेक्टेयर भूमि से शुरू से ही तीन लाख प्रति वर्ष आमदनी हासिल की है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि हमारे युवा स्टार्टअप से खुद और साथियों को आकर्षक आजीविका प्रदान कर रहे हैं। सरकार ने युवाओं के लिए स्वरोजगार के माध्यम से आजीविका कमाने के नए अवसर पैदा किए हैं। आईआईआईएम जम्मू जैसे संबद्ध क्षेत्रों और संस्थानों के समर्थन से किसानों की आय में सुधार किया जा रहा है। उन्होंने मिशन के प्रति जागरूकता के लिए दो मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इससे पहले कृषि विभाग के प्रमुख सचिव नवीन चौधरी ने कहा कि कृषि उपज की बर्बादी को कम करने पर ध्यान देने के साथ रणनीति में बदलाव किसानों की आय बढ़ाने में गेम चेंजर का काम कर रहा है। इस दौरान आईआईआईएम के निदेशक डॉ. डीएस रेड्डी आदि मौजूद रहे।