कहा कि आतंकवाद ने जम्मू-कश्मीर को तबाह कर दिया है। पिछले तीन दशकों के दौरान एक लाख से अधिक लोगों की जान गई है। नेकां(नेशनल कांफ्रेंस) और पीडीपी को पुनर्विचार करना चाहिए कि क्या वे चाहते हैं कि तालिबान, पाकिस्तान, लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन जम्मू-कश्मीर पर शासन करें। आतंकवाद के समर्थक लोगों के दुश्मन हैं और देश के खिलाफ साजिश करने वाले को बख्शा नहीं जाएगा। रैना ने कहा कि अनुच्छेद-370 को निरस्त होने के बाद जम्मू-कश्मीर ने विकास देखा है। पत्थरबाजी समाप्त हो चुकी है। सरकार ने जमीनी लोकतंत्र को मजबूत किया।