कश्मीर घाटी में कोरोना महामारी की मार से किन्नर समाज भुखमरी के कगार पर है। दो वक्त की रोटी के लिए जूझते इस तबके की सहायता के लिए सेना ने हाथ बढ़ाया है। एक स्वयंसेवी संस्था के साथ मिलकर सेना ने किन्नरों के बीच खाने पीने का सामान और कोरोना से बचाव की सामग्री बांटी।
सेना की 15वीं कोर ने स्वयंसेवी संस्था के साथ मिलकर किन्नर समाज से जुड़े करीब 100 लोगों को मुफ्त खाने पीने का सामान और कोरोना के लिए इस्तेमाल होने वाली दवाइयां बांटी। हाबला नाम के एक किन्नर के अनुसार ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी ने उनके बारे में सोचा।
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उन्होंने कहा कि सभी जगहों पर किन्नरों को सरकार जमीन देती है, मासिक पेंशन देती है और अन्य सुविधाएं देती है, लेकिन इस जगह पर पर अगर किराया न दें तो घर से निकाला जाता है। फिर बिजली का बिल न दें तो बिजली काट दी जाती है। ऐसे में कुछ किन्नर गलत काम भी करने पर मजबूर हो रहे हैं।
इस बीच उन्होंने यह भी कहा कि वह सरकार से मांग करते हैं कि उन्हें एक कम्युनिटी हॉल दिया जाए, जहां वह एक दूसरे से मिल सकें। उन्होंने मांग की कि किन्नरों के लिए एक अलग वैक्सीनेशन सेंटर स्थापित किया जाए, ताकि उन्हें कहीं और न जाना पड़े और ताने न सुनने पड़ें। बता दें कि 2011 की जनगणना के अनुसार जम्मू-कश्मीर में किन्नरों की जनसंख्या करीब चार हजार से अधिक है।