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राजपुरा के लोगों ने परिसीमन आयोग के खिलाफ निकाली रैली

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घगवाल। राजपुरा तहसील को रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र के साथ जोड़े जाने का स्थानीय लोग काफी दिन से विरोध कर रहे हैं। शुक्रवार को भी लोगों ने राजपुरा कस्बे में विरोध रैली निकाल कर नारेबाजी की।
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स्थानीय लोगों ने मुखजीत शर्मा की अगुवाई में राजपुरा के बाजार में रैली निकाली व परिसीमन आयोग के खिलाफ नारेबाजी की। उनका कहना था कि राजपुरा तहसील के लोगों की राय जाने बिना परिसीमन आयोग ने तहसील को रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र के साथ जोड़ा है। उनका कहना था की परिसीमन आयोग ने भाजपा कार्यालयों में बैठ कर ही रिपोर्ट बनाई है। जबकि आम लोगों से मेल मिलाप नहीं किया है। वह मांग कर रहे थे कि उन्हें घगवाल तहसील के साथ ही रखा जाए व सांबा विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा बनाया जाए।
डीडीसी सदस्य ने परिसीमन आयोग को दर्ज कराई आपत्ति
सांबा। राजपुरा तहसील पहले हीरानगर का हिस्सा थी, जब सांबा को जिले का दर्जा दिया गया तो घगवाल व राजपुरा को सांबा के साथ जोड़ा गया, लेकिन विधानसभा क्षेत्र हीरानगर ही रहा। अब परिसीमन आयोग ने राजपुरा तहसील को नई विधानसभा क्षेत्र रामगढ़ के साथ जोड़ा है। लोगों की मांग पर डीडीसी सदस्य आशा रानी ने परिसीमन आयोग को आपत्ति दर्ज कराई है।
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आशा रानी ने बताया कि रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र के साथ राजपुरा तहसील की सात पंचायतें जिनमें राजपुरा, सनूरा, चक दुलमा, मावा, सारथीयां, मदून, चलेआरी शामिल हैं, जबकि सांबा तहसील की पंगदौर, रामनगर व कटली नियाबतें जोड़ी गई हैं। जो अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित कर दी गई हैं। उन्होंने बताया कि राजपुरा तहसील में 15 से 17 प्रतिशत ही अनुसूचित जाति के मतदाता हैं। उन्होंने बताया कि राजपुरा तहसील व सांबा की तीन नियाबत के 25 हजार मतदाता हैं। उनके अनुसार विजयपुर व सांबा में दो लाख मतदाता हैं, जबकि घगवाल व राजपुरा तहसील के 40 हजार मतदाता हैं। उन्होंने बताया कि परिसीमन आयोग को उन्होंने स्थानीय लोगों की राय बता दी है कि बसंतर से बेंई नाला तक सांबा विधानसभा क्षेत्र बनाया जाए। घगवाल व राजपुरा को सांबा के साथ मिलाया जाए। जबकि बसंतर के उस पार की दो विधानसभा क्षेत्र बनाएं जाएं।
सांबा में ज्वाइंट फ्रंट ने परिसीमन आयोग के खिलाफ किया प्रदर्शन
सांबा। जिले में नई विधानसभा क्षेत्र के लिए की गई जोड़ तोड़ के खिलाफ आम लोग भी परिसीमन आयोग के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। कस्बे में सर्वधर्म सभा की ओर से शुक्रवार को परिसीमन आयोग के खिलाफ लोग सड़कों पर आ गए।
उनका कहना था कि आयोग को दोबारा विचार कर सीटों का परिसीमन करना चाहिए। अन्यथा लोग मतदान का बहिष्कार कर सकते हैं। उन्होंने जिला प्रशासन के माध्यम से आयोग को अवगत कराया कि जिले में तहसीलों में की गई तोड़ मरोड़ को बहाल करें। सही ढंग से नई विधानसभा सीट का गठन किया जाए।
प्रदर्शन में अमर क्षत्रिय राजपूत सभा के कैप्टन इंदर सिंह, ब्राह्मण सभा के रवि खजूरिया, सरपंच प्रदीप ललोत्रा, पार्षद राज सिंह, मुखरजीत शर्मा आदि शामिल रहे।
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