आरएस पुरा। घराना वेटलैंड के विस्तार के लिए सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहीत करने के मामले को लेकर बुधवार को गांव घराना के किसानों का समर्थन करते हुए बुधवार को महात्मा गांधी पार्क से रोष रैली निकाली गई। रैली एसडीएम कार्यालय में संपन्न करते हुए एसडीएम को मांगों का ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने कहा कि जिन किसानों की भूमि सरकार द्वारा वेटलैंड के विस्तार के लिए ली गई है, प्रभावित किसानों को भूमि के बदले भूमि दी जाए। सरपंच गुरदयाल सिंह के नेतृत्व में किसानों का समर्थन कर रहे पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह चिब, पूर्व राज्यसभा सांसद त्रिलोक सिंह बाजवा, महाजाट सभा के प्रधान चौधरी मनमोहन सिंह, डीडीसी सदस्य सरदार तरनजीत सिंह टोनी सहित कई पंचायतों के सरपंच तथा क्षेत्र के लोग शामिल हुए। सरपंच ने कहा कि सरकार द्वारा घराना वेटलैंड के विस्तार के लिए भूमि का अधिग्रहण किया गया वह ठीक नहीं। गांव के किसान विस्तार के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन वह चाहते हैं कि जिन किसानों की जमीन इस कार्य में आ रही है, उनको भूमि के बदले भूमि मिलनी चाहिए, ताकि वह खेतीबाड़ी कर परिवार का पालन- पोषण कर सकें। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि किसानों पर सरकार की तानाशाही जारी रही तो सहन नहीं की जाएगी। सरकार किसानों को दबाने का प्रयास न करे, नही तो यह आंदोलन बड़े आंदोलन के रूप में आगे बढ़ेगा।
रोष रैली में पूर्व सरपंच गुरमीत सिंह, सरपंच शाम लाल भगत, बलकार सिंह नागरा सुषमा चौधरी सहित काफी संख्या में गांव वासी शामिल रहे।
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कस्बे में बड़ी संख्या में पुलिस तैनात
आरएस पुरा। कस्बे में घराना वेटलैंड की भूमि पर प्रशासन की ओर से तारबंदी किए जानेे के बाद बुधवार को विरोध-प्रदर्शन करने की घोषणा के बाद प्रशासन की ओर से काफी संख्या में पुलिस व अधिकारियों को तैनात किया गया। कस्बे के बाजार में रोष रैली निकाले जाने पर सबसे आगे पुलिस के अधिकारी व पीछे जवान साथ- साथ चल रहे थे। लोगों का कहना है कि यही नहीं पुलिस द्वारा सादी वर्दी में कई पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया था, ताकि कोई अप्रिय घटना न घटे। बताया जा रहा है कि दिल्ली बार्डर पर आंदोलन कर रहे किसान नेता भी इस आंदोलन में शामिल होने के लिए कहा गया।
घराना वेटलैंड में जमीन पर की तारबंदी के पोल उखाडे़ जानेपर पुलिस थाने में दो किसानों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। वहां तैनात पुलिस के साथ विशेष तौर पर सादी वर्दी कुछ कमांडो को भी नियुक्त किया गया है। घराना के अशोक चौधरी ने कहा कि प्रशासन की ओर से किसानों पर दबाव बनाया जा रहा जो ठीक नहीं।