जम्मू। जम्मू-कश्मीर में जिला सुशासन सूचकांक की व्यवस्था को और बेहतर करने के लिए प्रदेश प्रशासन और प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) मिलकर काम करेंगे। व्यवस्था सुधार की निगरानी के लिए हैदराबाद की एजेंसी की सेवाएं ली जाएंगी। 58 जिला सुशासन सूचकांक संकेतकों की प्रगति की निगरानी के लिए पोर्टल बनाया जाएगा। जम्मू-कश्मीर में ई-मानव संसाधन प्रबंधन सिस्टम (ईएचआरएमएस) लागू करने का भी निर्णय लिया गया है। इसके अलावा प्रदेश में नागरिकों को 150 ऑनलाइन सेवाएं देने के लिए भी प्रारूप तैयार किया जाएगा।
डीएआरपीजी सचिव वी श्रीनिवास और मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता के बीच हुई बैठक में कई बिंदुओं पर चर्चा की गई। ई-एचआरएमएस के तहत जम्मू-कश्मीर में सरकारी कर्मचारियों के रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण किया जाएगा। इस सॉफ्टवेयर में ई-ऑफिस प्रणाली के तहत कर्मचारी सेवा पुस्तकों, कर्मचारियों के अवकाश, यात्रा रिकार्ड, जीपीएफ, ग्रेच्युटी और पेंशन लाभों के डिजिटलीकरण के लिए प्रदान करता है।
जिला सुशासन सूचकांक के 58 संकेतकों की निगरानी के लिए सेंटर फार गुड गवर्नेंस हैदराबाद की सेवाएं ली जाएंगी। तमाम जानकारियां फरवरी 2022 के मध्य तक ऑनलाइन की जाएंगी। जम्मू सचिवालय और श्रीनगर सचिवालय को ई आफिस संस्करण 7.0 को अपनाने के साथ एक कागज रहित सचिवालय में बदल दिया गया है। डीएआरपीजी सचिव और मुख्य सचिव के बीच अगली बैठक 7 फरवरी को होगी।