विजयपुर। कुछ समय से विजयपुर क्षेत्र में कृषि भूमि और सरकारी जमीन पर भू माफिया की ओर से बनाई जा रहीं अवैध कॉलोनियों पर प्रशासन का शिकंजा कसने लगा है। सोमवार शाम को विजयपुर सब डिवीजन में इंतकाल और फर्द काटने पर जिला उपायुक्त की ओर से रोक लगाने के आदेश के बाद अब जांच शुरू हो गई है। एसडीएम के नेत़ृत्व में पटवारी, गिरदावर व अन्य अफसर रिकॉर्ड के साथ जमीनी हकीकत के मिलान में जुट गए हैं।
तत्कालीन उपायुक्त रोहित खजूरिया ने दो साल पहले इन कॉलोनियों के निर्माण पर कानून के तहत रोक लगाई गई थी। उनके तबादले के बाद कुछ भू माफिया ने उन कॉलोनियों पर दोबारा गुप्त तरीके से निर्माण शुरू कर दिया। इसके चलते कृषि भूमि, सरकारी भूमि धीरे-धीरे खत्म हो रही थी। उसी के चलते उपायुक्त ने आदेश जारी किया है। इस कड़ी में एसडीएम विनय शर्मा ने एक टीम का गठन किया और राजस्व रिकॉर्ड के तहत जांच शुरू कर दी है। सूत्रों ने बताया कि प्रापर्टी डीलरों और भूमाफिया ने सस्ते दाम पर कृषि भूमि को लोगों से खरीदा, जिसे महंगे दामों पर प्लाट बनाकर बेचा जा रहा है। इससे कृषि भूमि लगातार सिकुड़ रही है। आदेश के बाद क्षेत्र के भूमाफिया गिरोह, प्रापर्टी डीलरों में हड़कंप मच गया है। क्षेत्र के राजेश कुमार, सुभाष सिंह, मोहन सिंह, हरभजन सिंह, पंकज सिंह ने बताया कि अगर जिला प्रशासन पुराने रिकॉर्ड के तहत जांच करे तो सैकड़ों एकड़ सरकारी जमीन में अदला-बदली हुई है। कुछ सरकारी मुलाजिम भी इसमें फंस सकते हैं।
एसडीएम विनय शर्मा ने बताया कि एक टीम का गठन कर दिया गया है। इसमें तहसीलदार, पटवारी, गिरदावर आदि शामिल हैं। वह रिकॉर्ड की जांच करेंगे और हर स्तर के तहत जांच की जाएगी। जो भी इसमें दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त का आदेश है कि इस आदेश पर तत्काल कार्रवाई की जाए और रिपोर्ट सौंपी जाए, ताकि इन लोगों पर कार्रवाई की जाए।