राज्य संविधान में धर्मनिरपेक्ष शब्द जोड़े जाने की मांग पर विधानसभा में पैंथर्स विधायकों ने नेता विधायक दल हर्ष देव सिंह के नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन किया। विधायक हर्षदेव सिंह, बलवंत सिंह मनकोटिया और यशपाल कुंडल इस मांग की अनदेखी पर वेल में गए और अपना विरोध जताया।
पैंथर्स ने इस मुद्दे पर सत्ताधारी नेकां और कांग्रेस के विरोध पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए वाक आउट कर दिया। पैंथर्स विधायक हर्षदेव सिंह और बलवंत मनकोटिया ने स्पीकर मुबारक गुल से कहा कि वीरवार को इससे संबंधित उनके निजी विधेयक को राज्य सरकार ने अस्वीकार कर दिया। नेकां और कांग्रेस विधायकों ने संविधान में धर्मनिरपेक्ष शब्द जोड़ने संबंधी उनके विधेयक के खिलाफ अपना मत दिया था।
हर्षदेव सिंह ने कहा कि हकीकत यह है कि इससे पूर्व राज्य सरकार ने इस विधेयक को सिलेक्ट कमेटी में भेजा था। हर्षदेव सिंह का कहना था कि 15 सदस्यीय सिलेक्ट कमेटी में नेकां, कांग्रेस, पीडीपी और भाजपा के विधायक भी थे। उस समय सभी विधायकों ने राज्य संविधान में धर्मनिरपेक्ष शब्द जोड़ने की वकालत की थी।
खास बात यह है कि मौजूदा कानून मंत्री मीर सैफउल्लाह भी उस समय बतौर विधायक कमेटी के सदस्य थे और उन्होंने भी अपनी सहमति जताई थी। हर्षदेव सिंह का कहना था कि क्या आज राज्य सरकार अथवा राज्य संविधान का चरित्र बदल गया है। इसलिए अब संसदीय मर्यादा के तहत अपना विरोध दर्ज कराने के लिए वह सदन से वाक आउट कर रहे हैं।