जम्मू-कश्मीर विधानसभा में आज भी संगम-खन्नाबल कथित भूमि घोटाले पर हंगामा हुआ। नेकां और पीडीपी विधायकों के बीच इस मसले पर तीखी तकरार के बीच स्पीकर मुबारक गुल ने क्राइम ब्रांच के आईजी को मामले की जांच कर 15 दिन के बीच रिपोर्ट पेश करने की हिदायत दी।
उन्होंने कहा कि क्राइम ब्रांच मामले से संबंधित दस्तावेज भी उनको शनिवार को मुहैया कराए। डिप्टी स्पीकर सरताज मदनी ने उन पर लगाए गए आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि अगर यह साबित हो जाए तो वह तुरंत इस्तीफा दे देंगे। वीरवार को विधान परिषद में इस मुद्दे पर हंगामा हुआ था।
विधानसभा में जैसे ही प्रशभनकाल की कार्यवाही शुरू हुई नेकां विधायकों ने एक स्वर में यह मुद्दा उठाया। नेकां विधायकों के समर्थन में उच्च शिक्षा मंत्री मोहम्मद अकबर लोन भी खड़े हो गए। उन्होंने कहा कि कृषि उपयोगी जमीन का इस्तेमाल अन्य कारणों के लिए किया जा रहा है।
इसके अलावा सरकारी जमीन पर अतिक्रमण भी किया गया है। लोन ने कहा कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कर्ज भी लिया गया। इसलिए मामले की उच्चस्तरीय जांच जरूरी है। कानून मंत्री मीर सैफउल्लाह ने स्पीकर ने आग्रह किया कि वह इस संबंध में वह कोई हिदायत दें।
इस दौरान डिप्टी स्पीकर सरताज मदनी ने सदन में उन पर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया। उनका कहना था कि कोई भी फर्जी दस्तावेज नहीं बनाए। विधान परिषद में नेकां सदस्य डॉ वीरी ने उन्हें ब्लैक मेल करने की कोशिश की थी, उनसे पचास लाख रुपये भी मांगे थे।
इसलिए यह मुद्दा उन्होंने विधान परिषद में उठाया था और आज विधानसभा में उठाया गया। बाद में स्पीकर मुबारक गुल द्वारा क्राइम ब्रांच के आईजी को मामले की 15 दिन के भीतर जांच कर रिपोर्ट उनको सौंपने की हिदायत दिए जाने पर मसला शांत हुआ।