सांबा। जिले के मानसर के निकट जमोडा मोड़ पर प्रत्येक माह कोई न कोई हादसा जरूर घटित हो जाता है। जबकि छोटे यात्री वाहनों में कई जानें जा चुकी है। ऐसा बताया जा रहा है कि एक तीखा मोड़ होने से चालक का वाहन से नियंत्रण बिगड़ जाता है और हादसा हो जाता है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जमोडा को हादसों वाला मोड़ भी कहा जा रहा है। वर्ष 2008 में बाबा अमरनाथ यात्रा समाप्त कर एक लंगर कमेटी का ट्रक भी इसी स्थान पर हादसे का शिकार हो चुका है। ट्रक में सवार 13 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि दो दर्जन लोग घायल हो गए थे। उसके बाद भी इस मोड़ पर कई हादसे हो चुके हैं। बताया गया है कि जमोडा मोड़ का नाला 200 फुट से भी अधिक गहरा है। इस कारण वाहन गिरने से अधिकतर लोगों की मौत हो चुकी है। स्थानीय निवासी कर्ण सिंह के अनुसार जमोडा मोड़ सेे पहले एक बोर्ड लगाया जाए, ताकि पता चल सके कि आगे तीखा मोड़ है। वाहन चालक अपने आपको संभाल कर चलें। उन्होंने जिला प्रशासन से भी अपील की है कि उक्त मोड़ पर यातायात नियमों के चिह्न भी लगाए जाएं।