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गांव वडियाल ब्राह्मणा में दूसरे दिन भी गेहूं की फसल जली

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आरएस पुरा। सीमावर्ती गांवों में आग की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। इसमें लगातार गेहूं की फसल जलकर राख हो रही है। मंगलवार को एक बार सीमावर्ती गांव देरिया व बड़ियाल ब्राह्मणा में शॉर्ट सर्किट से आग की घटना सामने आई है, जिसमें लगभग 40 कनाल गेहूं की फसल जलकर राख हो गई।
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इस दौरान खेतों में काम कर रहे किसानों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाने का प्रयास किया। किसानों द्वारा दमकल विभाग को भी सूचित किया गया, लेकिन जब तक दमकल विभाग की गाड़ियां पहुंचती तब तक किसानों ने आग पर काबू पा लिया था। मौके पर पहुंचे गांव के सरपंच विन्नी शर्मा ने बताया कि क्षेत्र में लगातार शॉर्ट सर्किट से आग लगने की घटनाएं घट रही हैं। सोमवार व मंगलवार को आग की घटना में क्षेत्र के किसान हरबंस लाल बिल्ला, सुभाष कुमार तथा करनेल सिंह की 40 कनाल गेहूं की फसल जलकर राख हो गई है।
उन्होंने कहा कि कई बार बिजली विभाग को अवगत कराया गया है कि जब तक गेहूं की कटाई पूरी नहीं हो जाती तब तक खेतों से गुजरने वाली लाइन में सप्ताह बंद रखी जाए। इसके बावजूद बिजली विभाग ने कोई ध्यान नहीं दिया। इस कारण आग की घटनाओं में बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सिर्फ दो ही दमकल की गाड़ियां हैं। ऐसे में आग पर काबू पाना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि जब तक गेहूं की कटाई का कार्य पूरा नहीं हो जाता तब तक अतिरिक्त गाड़ियां क्षेत्र में लगाई जाएं। उन्होंने कहा कि जिन किसानों की फसल को नुकसान हुआ उन्हें उचित से उचित मुआवजा दिया जाए।
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किसान हरबंस लाल बिल्ला ने बताया कि दोपहर के समय कंबाइन मशीन के साथ फसल की कटाई कर रहे थे कि इस दौरान शॉर्ट सर्किट से आग लग गई और इस घटना में 2 लोगों को मामूली चोटें आई।
उल्लेखनीय है कि क्षेत्र में लगातार आग की घटनाएं हो रही हैं, जिसकी चपेट में आने से किसानों की गेहूं की फसल नष्ट हो रही है। किसान लगातार मांग कर रहे हैं कि दमकल की अतिरिक्त गाड़ियां क्षेत्र में तैनात होनी चाहिए, लेकिन अभी तक प्रशासन द्वारा इस तरफ ध्यान नहीं दिया गया है। किसानों ने कहा कि सोमवार का खेतों में खड़ी 250 कनाल गेहूं जलने पर प्रशासन की और से कोई सुध नहीं ली गई।
मीरां साहिब क्षेत्र में गांव गाजिया व चक लावल के किसानों की में खड़ी गेहूं 12 कनाल जल गई। कुल्लियां क्षेत्र में खेतों में आग लगी। किसान धर्मपाल का कहना है कि हर वर्ष खेतों में खड़ी गेहूं की फसल जलने पर किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता। सरकार को चाहिए कि खेतों के आसपास केवल तार डाल बिजली की आपूूर्ति की जाए, ताकि स्पार्किंग से आग न लगे।
किसान जोगिंद्र सिंह का कहना है कि किसानों का परिवार का खर्च चलाए जाने का साधन खेतीबाड़ी पर निर्भर होने पर किसानों की फसल आग की चपेट में आने पर मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि आग लगने पर सरकार की ओर से राहत राशि मुहैया नहीं कराई जाती, जिसका प्रावधान किया जाना चाहिए।
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