जम्मू कश्मीर में स्कूलों के विलय के बाद जम्मू संभाग में सैकड़ों स्कूल की इमारतें करीब एक वर्ष से खाली पड़ी है। इस्तेमाल व रखरखाव न होने से इन इमारतों की हालत दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है। अभी तक शिक्षा विभाग इन इमारतों के इस्तेमाल को लेकर कोई योजना नहीं बना पाया है।
2015 में शिक्षा मंत्री नईम अख्तर ने एक सूची जारी की थी, जिसमें जम्मू संभाग में 3611 सरकारी स्कूल ऐसे थे, जिनमें विद्यार्थियों की संख्या 20 से कम थी। 50 स्कूलों में तो एक भी विद्यार्थी नहीं था। इसके बाद शिक्षामंत्री ने विद्यार्थियों की कम संख्या वाले स्कूलों का ज्यादा संख्या वाले सरकारी स्कूलों में विलय कर दिया था।
इनके विलय के बाद जम्मू संभाग में 2000 के करीब सरकारी स्कूलों की इमारतें खाली हो गई थीं। वहीं शिक्षा विभाग ने इन खाली इमारतों में साक्षर भारत मिशन की कक्षाएं चलाने की योजना तैयार करना शुरू कर दिया।
इसके अलावा बेरोजगार शिक्षित युवाओं को रोजगार के लिए इमारतें देने की भी बात की भी तैयारी की गई थी, लेकिन आज तक शिक्षा इन इमारतों में कुछ भी शुरू नहीं कर पाया है, जिसके कारण एक वर्ष से भी ज्यादा समय से इमारतें बेकार पड़ी हैं। इमारतों के खाली होने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भी इनकी सुध नहीं ली है।