फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बारिश ने बढ़ाई किसानों की मुश्किलें

विज्ञापन
विज्ञापन
अरनिया/आरएस पुरा/अखनूर। अरनिया में शनिवार सुबह शुरू हुई बारिश से यहां आज दिन भर जनजीवन अस्त व्यस्त रहा बही किसानों को भी अपनी गेहूं फसल को लेकर चिन्ता सताने लगी है।
विज्ञापन

हालांकि सुबह से जारी बारिश का सिलसिला मात्र हल्की बूंदा बाँदी तक ही सीमत रहा मगर किसानों के अनुसार गेहूं फसल के लिए हानिकारक सिद्ध हो सकती है। शनिवार सुबह से हो रही बारिश से लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। अधिकतर लोग घरों में बैठे रहे। मदन लाल, बबली चाढ़क, बैसाखी राम, सौदागर मल व मंजीत सिंह आदि किसानों का कहना है कि पहले से गेहूं की फसल में नमी बरकरार है। उस पर शनिवरार को हुई बारिश से येलो रेस्ट नामक बीमारी के फैलने की आशंका बढ़ गई है। उधर आरएस पुरा में शनिवार सुबह से रुक-रुक हो रही बारिश के चलते सर्दी में बढ़ोतरी हो गई। इससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। दूसरी तरफ किसानों को खेतीबाड़ी करने के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। गांव कत्याल के किसान जोगिंद्र सिंह का कहना है कि सब्जियों को पहले ही कम भाव में बेचना पड़ रहा और अब बारिश के चलते खेतों में लगी सब्जियों के तैयार होने पर इसकी गुणवत्ता खराब हो रही है। रमेश लाल, अजीत सिंह का कहना है कि पहाड़ों पर हुई बर्फबारी के बाद मैदानी क्षेत्र में एक बार फिर शीत लहर का प्रकोप होने पर सर्दी में बढ़ोतरी होने पर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मौसम विभाग द्वारा अगले दो-तीन दिन तक मौसम इसी प्रकार बने रहने के लिए कहा जा रहा है, जिससे लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। अखनूर में पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानी क्षेत्र में बारिश होने से क्षेत्र में सर्दी का प्रकोप बढ़ गया है। इससे लोगों को कई प्रकार की परेशानी का समाना करना पड़ा है। किसानों ने बारिश को फसल के लिए नुकसान होना बताया है। शनिवार को क्षेत्र में मूसलाधार बारिश शुरू हो गई, जो देर शाम तक जारी रही। इसके साथ ही ठंडी हवा चलती रही। इससे ठंड का प्रकोप बढ़ गया। बुजुर्गों और बच्चों को बड़ी परेशानी का समाना करना पड़ा। कई लोगों ने सर्दी से बचने के लिए आग का सहारा किया। मुख्य मार्ग पर वाहन की आवाजाही कम रही।
-----
बारिश से गेहूं की फसल को पहुंच रहा नुकसान
अमर उजाला ब्यूरो
सांबा। लगातार हो रही बारिश से किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। किसानों के अनुसार गेहूं की फसल पहले से ही पीली पड़ रही है। ऐसे में लगातार बारिश होने से रही सही फसल को भी नुकसान होने की आशंका है।
विज्ञापन

किसान सुरिंद्र सिंह, ओम प्रकाश, भगवान दास, राजकुमार, हंस राज आदि ने बताया कि लगातार हो रही बारिश से उनकी गेहूं की फसल नष्ट होने की उन्हें चिंता सता रही है। उन्होंने बताया कि नमी वाले खेत में गेहूं की फसल में येलो रेस्ट का खतरा बढ़ रहा है। अब लगातार हो रही बारिश के चलते उनकी फसल के नुकसान होने का अंदेशा बना है।
----
क्या कहते हैं अधिकारी
लगातार हो रही बारिश से उन क्षेत्रों में गेहूं की फसल को नुकसान हो सकता है जहां अधिक नमी रहती है व खेत से पानी की निकासी नहीं होती है। वहीं फसल की उपज भी कम होगी व चारे के लिए भूसे की भी कमी रह सकती है। सीमावर्ती क्षेत्र के 3500 हेक्टेयर पर गेहूं की फसल लगाई गई है। उन्होंने कहा कि पीलापन बीमारी नहीं है। यदि मौसम साफ होता है तो फसल को नुकसान कम होगा।
-विजय चौधरी, कृषि अधिकारी
------
फोटो
फसल का रंग पड़ने लगा पीला
ज्यौड़ियां। क्षेत्र में हो रही बारिश से किसानों को गेहूं की फसल बर्बाद होने का भय सताने लगा है। खौड़ उपजिले की पंचायत मट्टू के पूर्व सरपंच राकेश कुमार चौधरी ने बताया कि बारिश से गेहूं की फसल का रंग पीला पड़ने लगा है। फसल के पौधे की लंबाई बढ़ना रुक गया है। किसानों ने बताया कि खौड़ उपजिले का ज्यादातर क्षेत्र मैदानी है और हमारी जमीन नमी युक्त है। जहां थोड़ी सी बारिश पर खेतों में पानी भर जाता है। इससे गेहूं और सरसों की फसल के बर्बाद होने की आशंका ज्यादा रहती है और इस बार ऐसा ही हो रहा है।
पंचायत हमीरपुर सिदड के पूर्व सरपंच तरसेम सिंह मनहास ने बताया कि उनकी पंचायत भारत-पाक सीमा के नजदीक है। पंचायत खौड़ उपजिले के निचले क्षेत्र में है और हमारी जमीन नमी युक्त है। हमारी फसल बर्बादी के कगार पर है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें