किश्तवाड़। जिले के उपमंडल छात्रू के चिनगाम गांव में 18 से 44 आयु वर्ग का सिंगल डोज टीकाकरण शत प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। इससे पहले 45 वर्ष से ऊपर के शत प्रतिशत टीकाकरण में चिनगाम गांव जम्मू संभाग का पहला और जम्मू-कश्मीर यूटी में दूसरे नंबर पर रहा था। यह गांव जिला मुख्यालय से लगभग 50 किलोमीटर की दूरी पर है। इस गांव को भारतीय सेना की 11 राष्ट्रीय रायफल ने मॉडल गांव के तहत गोद लिया है।
किश्तवाड़ केंद्र शासित प्रदेश का सबसे बड़ा जिला है। कोरोना महामारी के बाद सेना ने इस इलाके में लोगों को जागरूक करने का काम शुरू कर दिया था। सेना ने घर-घर जाकर मास्क पहनने, सैनिटाइजर के इस्तेमाल करने और वैक्सीन लगाने के लिए प्रेरित किया। लोगों के डर और भ्रम दूर कर वैक्सीन की अहमियत और जरूरत के बारे में समझाया गया। स्वास्थ्य विभाग का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रविंद्र मन्हास ने कहा कि इस लक्ष्य को पूरा करने में डाक्टरों और अन्य स्टाफ ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि सेना ओर जिला स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयासों से टीकाकरण अभियान सफल हो पाया है।
चिनगाम पंचायत बी के सरपंच ओमप्रकाश ठाकुर ने कहा कि गांव की जनसंख्या 902 के आसपास है। पूरी आबादी को अबतक वैक्सीन लगा दी गई है। चिनगाम गांव को जम्मू-कश्मीर यूटी का पहला वैक्सीनेटेड गांव बनाने के लिए सरपंच और गांव के लोगों ने सेना के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग व स्वास्थ्य कर्मियों का धन्यवाद दिया। 11 राष्ट्रीय राइफल्स (डोगरा) ने लोगों की परेशानियों को कम करने और कोविड-19 प्रोटोकॉल के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गांव को गोद लिया है।
कोविड-19 के खिलाफ सुरक्षा के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए अभियान शुरू किया गया है, जिसमें महत्वपूर्ण जगहों पर पोस्टर लगाए गए एवं पर्चे बांटे गए। मेडिकल टीम ने टीकाकरण और निवारक उपायों के महत्व पर नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया। स्थानीय लोगों के बीच निरंतर जागरूकता के परिणामस्वरूप चिनगाम में कोरोना का कोई मामला सामने नहीं आया। क्षेत्र में 45 वर्ष से ऊपर के लोगों को दोनो डोज और 18 से 44 वर्ष के बीच के लोगों को एक डोज लगाने वाला पहला गांव है।