उधमपुर। कोरोना संकट से थोड़ी राहत मिलने के बाद सरकार ने 21 फरवरी से प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों को खोलने की अनुमति दे दी है। सोमवार से जिले में 1400 से अधिक सरकारी व निजी स्कूलों में रौनक लौटेगी।
दो वर्ष के बाद विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करने के लिए स्कूलों में पहुंचेंगे। इससे पहले सभी ऑनलाइन कक्षाओं में पढ़ रहे थे। इसको लेकर सीईओ उधमपुर ने निर्देश जारी कर दिए हैं। मार्च 2020 में कोरोना संकट सामने आने के बाद सरकार ने सभी स्कूलों को बंद करने का आदेश जारी कर दिया गया था। 2021 में कोरोना संकट से थोड़ी राहत मिलने के बाद कुछ शर्तों के साथ नौवीं से 12वीं तक की कक्षाओं को चलाने की अनुमति दी गई थी। लेकिन, कोरोना की दूसरी लहर आ जाने से स्कूलों को बंद करवा दिया गया।
2022 में तीसरी लहर भी आ गई, लेकिन इससे अब राहत मिल गई है। 14 फरवरी को सरकार ने नौवीं से 12वीं तक कक्षाओं को शुरू करने की अनुमति दी थी। इसके सप्ताह बाद प्राइमरी से मिडिल स्कूलों को खोलने का भी आदेश जारी कर दिया गया। इसको लेकर सरकारी स्कूलों ने कुछ दिन पहले ही तैयारियां शुरू कर दी थीं, और अब इन तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। उधमपुर में 1400 से अधिक सरकारी व निजी प्राइमरी व मिडिल स्कूल हैं। इनमें 1300 से अधिक सरकारी स्कूल हैं। इनमें सोमवार को रौनक लौटेगी।
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नियमों की देखरेख के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त
सभी विद्यार्थी करीब दो वर्ष बाद स्कूलों में पहुंच रहे हैं। इसको लेकर स्कूलों की सफाई करवा दी गई है। कई स्कूलों में रंग रोगन भी किया गया है। कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने को लेकर स्कूलों में नोडल अधिकारी भी नियुक्त कर दिया गया है। इसके साथ स्कूलों की निगरानी के लिए प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग ने संयुक्त रूप से टीम का गठन भी किया है। इनकी तैयारियों का जायजा लेने के लिए प्रिंसिपल सेक्रेटरी स्कूल एजूकेशन बीके सिंह ने शनिवार को स्कूलों का निरीक्षण भी किया था। उन्होंने हायर सेकेंडरी स्कूलों में शिक्षकों से भी बात की थी।