किश्तवाड़। उपायुक्त किश्तवाड़ पंकज कुमार शर्मा ने 15 दिवसीय एकीकृत पोषक प्रबंधन प्रशिक्षण (आईएनएम) में प्रतिभाग करने वाले जिले के कृषि उद्यमियों को वीरवार को प्रमाण पत्र वितरित किए। 12 अगस्त से 28 अगस्त, तक आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) किश्तवाड़, एसकेयूएएसटी-जम्मू द्वारा कृषि उत्पादन और किसान कल्याण विभाग, किश्तवाड़ के सहयोग से किया गया था।
यह पाठ्यक्रम डॉ बीएन त्रिपाठी, कुलपति, एसकेयूएएसटी-जम्मू के निर्देशन में संचालित किया गया। डॉ. नरिंदर पॉल, प्रभारी, केवीके किश्तवाड़ और डॉ. अमरीश वैद, निदेशक विस्तार, एसकेयूएएसटी-जम्मू ने इस प्रशिक्षण के संयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उपायुक्त ने कहा कि आईएनएम प्रमाणीकरण प्रमाणपत्र उर्वरक खुदरा स्टोर स्थापित करने और उर्वरकों और पौधों के पोषक तत्वों के व्यवसाय करने के इच्छुक व्यक्तियों के लिए मददगार साबित होंगे।
उपायुक्त किश्तवाड़ ने डिजिटल समाधानों के साथ एकीकृत किसान-केंद्रित कृषि-इनपुट सेवाएं प्रदान करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादों से जुड़े उद्योगों को स्थापित करने वालों के लिए यह प्रशिक्षण सुअवसर देने वाला है।
डॉ. नरिंदर पॉल ने साझा किया कि पाठ्यक्रम में व्याख्यान, व्यावहारिक प्रशिक्षण, कानूनी जानकारी शामिल की गई ताकि प्रतिभागियों को उनके कार्यक्षेत्र की सर्वांगीण जानकारी मिल सके। पाठ्यक्रम का उद्देश्य मृदा स्वास्थ्य, पोषक प्रबंधन और संतुलित उर्वरक उपयोग पर प्रतिभागियों की समझ को बढ़ाना था। यह जानकारी केवीके, एसकेयूएएसटी जम्मू और कृषि विभाग के विशेषज्ञों की ओर से दी गई।
मुख्य कृषि अधिकारी किश्तवाड़, कुशाल चंदेल ने फसल पैदावार प्राप्त करने में संतुलित पौध पोषण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने प्रतिभागियों से कहा कि वे किसानों के बीच जाएं और उन्हें उर्वरकों और देसी खाद के संतुलित उपयोग के फायदे बताएं ताकि फसलों की गुणवत्ता बढ़ाई जा सके।