रामबन। श्रीनगर में आतंकी हमले में शहीद एएसआई गुलाम हसन भट को अंतिम विदाई देने के लिए सैलाब उमड़ा। मंगलवार दोपहर उनके पैतृक गांव छुशेत्र राजगढ़ में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान उपायुक्त सहित कई बड़े अधिकारी मौजूद रहे।
शहीद को अंतिम विदाई देने के लिए शहर व ग्रामीण इलाकों से सैकड़ों लोग पहुंचे थे। इनमें उपायुक्त मसरत-उल-इस्लाम, एसएसपी पीडी नित्या, एएसपी रजनी शर्मा, आदि पुलिस और सेना के अधिकारी और जिले के नागरिक मौजूद रहे। कई बड़े अधिकारियों ने शहीद के जनाजे को कंधा दिया। इस दौरान परिवार के सदस्यों के साथ मौजूद लोगों की आंखें नम नजर आईं। हर कोई शहीद की बहादुरी की बात कर रहा था। सबका कहना था कि पूरे देश को उनकी शहादत पर गर्व है। पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि शहीद एएसआई गुलाम हसन भट के परिवार में उनकी पत्नी और छह बच्चे हैं।
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बेटा बोला- सर्जिकल स्ट्राइक
से करें आतंकियों का सफाया
परिजनों और ग्रामीणों में पाकिस्तान व दहशतगर्दों के खिलाफ आक्रोश था। शहीद के बेटे राशिद अहमद ने कहा कि पिता की शहादत पर गर्व है। केंद्र सरकार को एक और सर्जिकल स्ट्राइक कर आतंकियों का पूर तरह से सफाया करना चाहिए। घाटी के युवाओं के लिए राशिद ने कहा कि देश के लिए जान देना एक जज्बा है। घाटी के युवाओं को भी देश के लिए आगे आना चाहिए। वहीं बेटी ने कहा कि बुजदिल आतंकियों ने बाबा को मार डाला। वे कुछ दिन में छुट्टी आने वाले थे।