उधमपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर संबंधित विभाग की शर्तें पूरी करना आम आदमी के लिए चुनौतीपूर्ण हो गया है। भाजपा के पूर्व नेता व समाज सेवक पवन खजूरिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से यह आरोप लगाए।
उन्होंने कहा कि सबसे पहला दस्तावेज बीपीएल राशन कार्ड हैं। आज से 30 साल पहले एक राशन कार्ड पर छह से सात सदस्यों का एक परिवार गुजारा करता था, मगर आज परिवार बढ़कर 25 से 30 लोगों का हो गया है। परिवार अलग होने पर अलग-अलग राशन कार्ड की जरूरत भी बन चुकी है। मगर नए बीपीएल राशन कार्ड के लिए आवेदन करने पर संबंधित विभाग की साइट बंद पाई जाती है। दूसरा दस्तावेज आय प्रमाण पत्र है, जो राशन कार्ड के बिना मिलना नामुमकिन है। इसके अलावा आवेदकों को गिरदावरी की नकल लेने के लिए मुश्किलें आ रही हैं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार जमीनी स्तर पर लोगों को योजनाओं को लाभ देना चाहती है तो इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया को सरल किया जाए। उन्होंने सरकार व जिला प्रशासन से बीपीएल परिवारों की सहूलियत के लिए गांव-गांव में कैंप लगाकर जागरूक करने की मांग की है। संवाद