उधमपुर/पंचैरी। असमय बारिश और ओलावृष्टि से उधमपुर सहित पंचैरी और मोंगरी तहसीलों में किसानों को भारी नुकसान हुआ है। मुख्य तौर पर मक्का, धान, दालें और सब्जियों की फसल काफी हद तक खराब हो चुकी है।
अभी किसान कटाई करने और खेतों से फसल इकट्ठी कर रहे थे। इसी बीच भारी ओलावृष्टि ने सब तहस नहस कर दिया। नुकसान केवल मोटे अनाजों की फसल को ही नहीं, बल्कि सरसों और गेहूं की नई फसल की बुआई भी पूरी तरह खराब हो चुकी है। अब किसानों के सामने अनाज का संकट तो आया ही है, उसके साथ बीजों की उपलब्धता की कमी भी बड़ी चुनौती है। क्योंकि, उपलब्ध सरसों और गेहूं का बीज वे खेतों में लगा चुके हैं।
इस संबंध में पंचैरी मोंगरी के डीडीसी पार्षद जसवीर सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन और संबंधित विभाग को इस संबंध में सूचित कर दिया गया है। पंचायती राज संस्था की पूरी टीम और कृषि विभाग किसानों को हुआ भारी नुकसान का आंकलन करने में लगा है। पूरा प्रयास किया जाएगा कि किसानों को अधिक से अधिक मदद मुहैया करवाई जाए।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और उपराज्यपाल प्रशासन से किसानों को शीघ्र मुआवजा देने और हर किसान तक अधिक से अधिक सरकारी मदद के साथ अतिरिक्त बीज उपलब्ध कराने की मांग की गई है। ताकि, किसान नई फसल लगा सकें। अधिकांश किसानों ने किसान क्रेडिट कार्ड के तहत ऋण लिया है, और उनका बीमा भी हुआ है। जो इसके तहत नहीं जुड़ पाए हैं, उन्हें भी सहायता प्रदान करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि किसान बैंक का ऋण चुकाने के लिए पूरी तरह से नई फसल पर निर्भर हैं। सरकार को चाहिए कि वग इस संबंध में एक उच्च स्तरीय टीम गठित करे, जो इस संबंध में किसानों की वर्तमान स्थिति का आंकलन कर ऐसे सुझाव दे, जिनसे इस चुनौती से निपटने में मदद मिले। साथ ही उन्होंने एमजीनरेगा में किसानों और मजदूरों को अधिक से अधिक काम की उपलब्धता पर भी जोर दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि कृषि विभाग, जिला प्रशासन और उपराज्यपाल प्रशासन तेजी से किसानों के मुद्दों पर काम करेंगे।