भद्रवाह। भद्रवाह में आयोजित तीन दिवसीय वार्षिक पट मेला सोवमार को संपन्न हो गया। इस दौरान जहां भक्तों ने मेले का लुत्फ उठाया वहीं, नाग मंदिर में शीश नवा कर सुख समृद्धि सहित कोरोना महामारी से मुक्ति की कामना की। क्षेत्र के प्रमुख देवता वासुकी नाग को समर्पित इस मेले का आयोजन हर साल कैलाश यात्रा की समाप्ति पर नाग पंचमी के दिन किया जाता है।
मेले की शुरूआत 16वीं शताब्दी में भद्रवाह के राजा नागपाल ने दिल्ली में बादशाह अकबर से सम्मान के तौर पर मिली भेंटों का प्रर्दशन करने के लिए की थी। बाद में इसे हर साल मेले के तौर पर किया जाने लगा। इसमें भद्रवाह के अलावा पूरे जम्मू संभाग के विभिन्न क्षेत्रों के लोग भाग लेते हैं। इस दौरान क्षेत्र का पारंपरिक दक्खू नृत्य का भी आयोजन किया जाता है, जो विशेष आकर्षण का केंद्र रहता है। कोरोना के चलते गत दो साल से मेले में श्रद्धालुओं की संख्या में कमी आई है। इस दौरान श्रद्धालुओं ने नाग मंदिर में माथा टेक कर सुख समृद्धि की कामना की।