चिनैनी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) चिनैनी की सुरक्षा मजबूत करने के लिए प्रशासन ने इमारत में स्मोक सेंसर (धुएं के संपर्क में आने से बजने वाला अलार्म) लगाने का निर्णय लिया है। इससे आग लगने जैसी आपातकालीन स्थितियों से निपटने में सहायता मिलेगी।
सीएचसी अस्पताल पर ब्लॉक की करीब दो लाख से ज्यादा आबादी निर्भर है। साथ ही पर्यटन स्थल पटनीटॉप, नत्थाटॉप, सनासर और कुद के अलावा तीर्थ स्थल सुद्धमहादेव, मानतलाई, गौरीकुंड, बैणीसंगम, बाबा बूढ़ा केदारनाथ, छपड़ी व कई दूरदराज इलाके चिनैनी अस्पताल पर ही निर्भर हैं। ऐसे में अस्पताल में आपात स्थितियों के बारे में सतर्क न होना मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए खतरे से खाली नहीं।
इसी को ध्यान में रखकर प्रशासन ने अस्पताल में स्मोक सेंसर लगाने की तैयारी की है। पूरे अस्पताल में 30 स्मोक सेंसर लगाए जा रहे हैं। इनको लगाने में करीब एक लाख रुपये की लागत आएगी। काम पूरा होने के बाद लोगों को अचानक आग लगने जैसी घटनाओं का फौरन पता चल जाएगा। अस्पताल में यदि कहीं आग लगती है तो उसका धुआं जैसे ही सेंसर के पास पहुंचेगा, और अलार्म बजना शुरू हो जाएगा।
दुर्घटना बड़ी होने से पहले ही लोगों को उसकी जानकारी मिल जाएगी, और वे अपनी और अपने लोगों की जान सकुशल बचा सकेंगे। इन सेंसर के लगने से अस्पताल में कोई धूम्रपान भी नहीं कर सकेगा। क्योंकि, बीड़ी या सिगरेट के धुएं से भी यह अलार्म बजेगा। स्वास्थ्य प्रशासन इसको लेकर अस्पताल में सुरक्षा कर्मियों को तैनात करने की भी बात कह रहा है, ताकि अस्पताल के अंदर कोई भी धूम्रपान न कर पाए।
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ओटी सेक्शन, जनरल वार्ड, महिला वार्ड, स्टोर, इमरजेंसी के अलावा पहली व दूसरी मंजिल पर भी सेंसर लगाए जा रहे हैं, ताकि आपात स्थिति में सायरन बजते ही लोग चौकन्ने हो सकें। इसके साथ ही अस्पताल में प्रधानमंत्री जन औषधि की दुकान भी जल्द खोली जाएगी।
- डॉ. देव राज, बीएमओ, चिनैनी
अस्पताल में स्मोक सेंसर लगाने का कार्य करते करीगर व लगाया गया सेंसर:- संवाद- फोटो : UDHAMPUR
अस्पताल में स्मोक सेंसर लगाने का कार्य करते करीगर व लगाया गया सेंसर:- संवाद- फोटो : UDHAMPUR