चिनैनी। नगुलता-रजार मार्ग पर मंगलवार सुबह उस वक्त चीख-पुकार मच गई जब सवारियों से लदा ऑटो अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा। हादसे में स्कूली बच्चों और बुजुर्गों समेत आठ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। लोगों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत बचाव कार्य शुरू किया जिससे समय रहते सभी घायलों को मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया जा सका।
दरअसल ऑटो यात्रियों को लेकर नगुलता-रजार मार्ग से चिनैनी की ओर आ रहा था। चिनैनी पहुंचने से कुछ ही दूरी पहले जब वाहन कुनकाड़ा में पहुंचा तो अचानक चालक वाहन से नियंत्रण खो गया। ढलान और खतरनाक मोड़ होने के कारण ऑटो सीधे गहरी खाई की ओर लुढ़क गया और नीचे नाले में जा फंसा। हादसे के बाद अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास के खेतों और घरों से ग्रामीण मौके पर दौड़े।
लोग नाले तक पहुंचे और ऑटो में फंसे घायलों को बाहर निकालना शुरू किया। एंबुलेंस का इंतजार किए बिना निजी वाहनों के जरिए घायलों को चिनैनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया।
गंभीर घायल रेफर
सीएचसी में डॉक्टरों की टीम पहले से ही मुस्तैद थी। जैसे ही घायलों को लाया गया, चिकित्सा कर्मियों ने बिना समय गंवाए प्राथमिक उपचार शुरू कर दिया। कुछ घायलों को गंभीर चोटें आई थीं जिन्हें प्राथमिक चिकित्सा देने के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
डीडीसी ने अस्पताल में घायलों का जाना हाल
हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन भी हरकत में आ गया। जिला विकास आयुक्त उधमपुर मिंगा शेरपा चिनैनी के विभिन्न सरकारी कार्यालयों के दौरे पर थे। वह तुरंत सीएचसी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और इमरजेंसी वार्ड में जाकर घायलों से मुलाकात की। उन्होंने डॉक्टरों को निर्देश दिए कि घायलों के उपचार में कोई कोताही न बरती जाए और उन्हें हरसंभव सहायता प्रदान की जाए।
ये हुए घायल
घायलों में प्रकाश (66), गौरा देवी (90), शिवाली (19), सोनी देवी (17) निवासी कोलासर, स्नेहा देवी (16), अंकुश (15), निहारिका देवी (13) निवासी घाड़ियां कला और महिपाल (26) निवासी नगुलता शामिल है।