श्रीनगर में एनआईए की विशेष अदालत ने ओजीडब्ल्यू मामले में चार आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए हैं। इनमें एक पाकिस्तानी आतंकी भी शामिल है, जो कि आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के साथ जुड़ा हुआ है। ये पाया गया है कि सभी ओजीडब्ल्यू मॉड्यूल में शामिल होकर आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से काम कर रहे थे।
इनमें उमर मुश्ताक खान निवासी पुलवामा, मुर्तजा राशिद डार निवासी पुलवामा और सज्जाद अहमद डार निवासी अनंतनाग शामिल है। साथ ही एक पाकिस्तानी आतंकी अली काशिफ जान भी संलिप्त है। अली काशिफ आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के साथ जुड़ा हुआ है।
इस मामले में एसआईए कश्मीर ने एक सितंबर 2022 को मामला दर्ज किया था। एजेंसी की जाचं में पाया गया कि एक आपराधिक साजिश को आगे बढ़ाने में आतंकवादी संगठनों ने दहशतगर्दों को सहायता करने, शरण देने और रसद प्रदान करने के लिए ओजीडब्ल्यू के मॉड्यूल बनाए। ये प्रदेश में आतंकवादी गतिविधियों को आगे बढ़ाने के इरादा से ये मॉड्यूल काम कर रहे थे।
मॉड्यूल इंटरनेट के माध्यम से सीमा पार आतंकवादी संगठनों के साथ लगातार संपर्क में थे। जांच के दौरान पाया गया कि तीन स्थानीय अभियुक्त पाकिस्तान स्थित आतंकवादी अली काशिफ जान के साथ सोशल मीडिया और अन्य मैसेजिंग ऐप से आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से काम कर रहे थे।
राज्य जांच एजेंसी कश्मीर ने मामले की गहन जांच के बाद 04 मार्च 2023 को विशेष अदालत के समक्ष सभी चार अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया। इसी मामले में अदालत ने सभी अभियुक्तों के खिलाफ आरोप तय किए हैं।