श्रीनगर। केंद्रीय कपड़ा और रेल राज्य मंत्री दर्शना विक्रम जरदोश ने सोमवार को कहा कि केंद्र सरकार हस्तशिल्प और हथकरघा क्षेत्रों के पुनरुद्धार और विकास के लिए कई उपाय कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार इन क्षेत्रों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है और इनसे जुड़े लोगों को हर संभव मदद मुहैया कराई जाएगी। मंत्री ने यह बात अनंतनाग जिले में अपने जनसंपर्क कार्यक्रम के दौरान पहलगाम में हस्तशिल्प हथकरघा और रेशम उत्पादन के अधिकारियों के साथ बैठक में कही। इस अवसर पर संबंधित अधिकारियों ने मंत्री को इन क्षेत्रों की प्रगति और विकास से अवगत कराया।
निदेशक हस्तशिल्प महमूद अहमद ने हस्तशिल्प क्षेत्र की समीक्षा प्रस्तुत की जबकि निदेशक रेशम उत्पादन मंजूर अहमद कादरी ने इस क्षेत्र पर एक प्रस्तुति दी। इन विभागों से संबंधित विभिन्न गतिविधियों जैसे जरी एंब्रॉयडरी, चेनस्टिच नमदा और गब्बा पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। यह बताया गया कि कला और शिल्प के पुनरुद्धार के लिए कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, जिनमें हस्तशिल्प और हथकरघा विभागों का विलय, हस्तशिल्प और हथकरघा समितियों के लिए वित्तीय सहायता, कारीगर क्रेडिट कार्ड और एमएसपी योजनाएं और कारीगरों और बुनकरों के लिए शिक्षा योजनाएं शामिल हैं। रेशमकीट पालन विभाग ने शहतूत की उन्नत किस्मों के प्रचार एवं गुणवत्ता वाले रेशमकीट बीज के उत्पादन रेशमकीट पालन के लिए किसानों को सहायता और निजी क्षेत्र में रेशम पालन को बढ़ावा देने के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर जिला विकास आयुक्त डा. पीयूष सिंगला, एसएसपी आशीष मिश्रा, संयुक्त निदेशक हस्तशिल्प और हथकरघा निदेशक केंद्रीय रेशम उत्पादन निदेशक निफ्ट उप निदेशक हस्तशिल्प के सहायक निदेशक और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। गौरतलब है कि मंत्री ने व्यापार वाणिज्य उद्योग और अन्य हितधारकों के प्रतिनिधिमंडलों से भी मुलाकात की जिन्होंने अपनी मांगों और शिकायतों को रखा। मंत्री ने इन प्रतिनिधिमंडलों को की बातों को सुना और आश्वासन दिया कि उनकी वास्तविक मांगों और मुद्दों का विधिवत समाधान किया जाएगा।