जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपने ट्विटर अकाउंट पर घोषणा की है कि उन्होंने जम्मू-कश्मीर पुलिस के निदेशक जनरल (डीजीपी) से बातचीत की है, जिसमें उन्होंने निर्देश दिया है कि जब भी वह सड़क मार्ग से यात्रा करें, तब ग्रीन कॉरिडोर या ट्रैफिक रुकावट नहीं होनी चाहिए।
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अब्दुल्ला ने कहा, मैंने डीजीपी को निर्देशित किया है कि सार्वजनिक असुविधा को न्यूनतम किया जाए और सायरन के उपयोग को भी कम से कम रखा जाए। किसी भी प्रकार की लाठी लहराने या आक्रामक इशारों से पूरी तरह से बचना चाहिए। मैं अपने कैबिनेट सहयोगियों से भी यही उदाहरण पेश करने को कह रहा हूं।
हमारा व्यवहार लोगों के प्रति मित्रवत होना चाहिए। हम यहां लोगों की सेवा करने के लिए हैं, उन्हें असुविधा में डालने के लिए नहीं।
यह बयान मुख्यमंत्री के लोगों के प्रति संवेदनशीलता और प्रशासन में सुधार की दिशा में उनके प्रयासों को दर्शाता है। उमर अब्दुल्ला की इस पहल से जनता को राहत मिलने की उम्मीद है और यह सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है कि वे अपने नागरिकों की भलाई को प्राथमिकता देते हैं।