उधर, दिल्ली में विशेष न्यायाधीश प्रवीण सिंह ने यासीन को 19 मई को गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत सभी आरोपों का दोषी ठहराया था। यासीन मलिक के केस की सुनवाई को लेकर पटियाला हाउस कोर्ट में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद है।
यासीन बोला- फांसी स्वीकार करूंगा, किसी से भींख नहीं मांगूंगा
सुनवाई शुरू हुई तो एनआईए ने दोषी मलिक के लिए फांसी की सजा की मांग की थी। जिस पर यासीन ने कहा था, 'फैसला अदालत के विवेक पर छोड़ता हूं, मैं किसी से भींख नहीं मांगूंगा। मैं फांसी स्वीकार करूंगा। अगर जांच एजेंसियां साबित कर दें कि मैं आतंकी गतिविधियों में शामिल रहा हूं तो राजनीति से सन्यास ले लूंगा। मैंने सात प्रधानमंत्रियों के साथ काम किया है।'