श्रीनगर। जम्मू संभाग के बनिहाल से उत्तरी कश्मीर के बारामुला के बीच अब ट्रेन बिजली से दौड़ेगी। सरकार ने 130 किलोमीटर लंबी इस रेल लाइन के विद्युतीकरण की समय सीमा मार्च 2022 निर्धारित की है। परियोजना को निर्धारित समय में पूरा करने के लिए कार्य जोरशोर सेजारी है। परियोजना का करीब 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। तीन एजेंसियां जम्मू-कश्मीर सरकार, इरकॉन और भारतीय रेलवे मिलकर इस परियोजना पर दिन रात काम कर रहे हैं और इसकी निगरानी सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा की जा रही है।
यह परियोजना राष्ट्रीय प्राथमिकता की परियोजना का हिस्सा है। बिजली से ट्रेन चलने से न केवल डीजल का खर्च बचेगा बल्कि कश्मीर की खूबसूरत हवा भी प्रदूषित नहीं होगी। डीजल की तुलना में यह 40 प्रतिशत किफायती होगी। इरकॉन के एडिशनल जनरल मैनेजर आबिद अमीन शाह ने कहा, काम अगस्त 2019 में शुरू हुआ था। इसे 24 महीने में पूरा करना था, लेकिन कोविड के चलते काम धीमी गति से हुआ। अब डेडलाइन मार्च 2022 की रखी गई है। उन्होंने कहा कि ट्रेन के डीजल पर चलने से रनिंग कॉस्ट ज्यादा है, वहीं प्रदूषण भी काफी होता है। बिजली से चलने पर खर्च बचेगा और प्रदूषण भी नहीं फैलेगा।
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खंभे लगाने का काम पूरा, बिछाए जा रहे तार
आबिद के मुताबिक इरकॉन ने उत्तरी कश्मीर में लोहे के खंभे लगाने का काम पूरा कर लिया है, अब तार बिछाने का काम चल रहा है। दक्षिण कश्मीर में भी खंभे लगाने का काम लगभग पूरा किया जा चुका है। उम्मीद है कि तय समय में काम खत्म हो जाएगा। समय बचाने के लिए सिंगल साइड पर काम करने की बजाय दोनों साइड पर एक साथ काम शुरू किया गया। बडगाम, बारामुला और काजीगुंड में 21 केवी के तीन मुख्य सब स्टेशन होंगे। बिजली के लिए रेलवे ने 25 केवी की एक समर्पित पावर लाइन रखी है जो जम्मू-कश्मीर सरकार और केंद्र सरकार द्वारा दी जाएगी।
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वायरिंग का काम पट्टन तक पूरा
इरकॉन के इंजीनियर याधुन ने कहा कि अभी वायरिंग सेक्शन चल रहा है। बडगाम से पट्टन तक काम पूरा हो चुका है। अब पट्टन स्टेशन का काम चल रहा है। बारामुला तक काम जल्द से जल्द खत्म करने का लक्ष्य है। उसके बाद बडगाम से बनिहाल तक पूरा सेक्शन मार्च 2022 तक कवर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले इसकी फिजिबिलिटी अध्ययन किया जाता है। यह 25 केवी की लाइन है। ट्रेन चलाने के लिए तीन फीडिंग स्टेशन बारामुला, बडगाम और बनिहाल में रखे गए हैं। ग्रिड से 132 केवी की लाइन पीडीडी से संचालित होगी। इसमें स्पीड कंट्रोल और टाइमिंग दोनों बेहतर होंगी।
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बनिहाल-कटड़ा लिंक का काम भी साथ चल रहा
आबिद ने कहा कि मुख्य प्रोजेक्ट बनिहाल को कटड़ा से लिंक करना है। जब कटड़ा-बनिहाल लिंक होगा तो जम्मू-कश्मीर खास कर घाटी देश से जुड़ जाएगी। राष्ट्रीय राजमार्ग अक्सर बंद रहता है। यह लिंक ऑल वेदर होगा। वर्ष 2013 में कश्मीर को अपनी पहली लोकल ट्रेन मिली थी, जो बनिहाल से बारामुला तक चल रही है। 356 किलोमीटर लंबी जम्मू-बारामुला रेल लाइन घाटी को शेष देश से जोड़ने के लिए है। इसे तीन चरणों में विभाजित किया गया है, जम्मू से कटड़ा, कटड़ा से बनिहाल और बनिहाल से बारामुला, जबकि दो चरण जम्मू-कटड़ा, बनिहाल-बारामुला पर काम पूरा हो चुका है और बचा हुआ अंतिम चरण में है जिसके बहुत जल्द पूरा होने की उम्मीद है।