राजोरी के थन्ना मंडी में किताब का विमोचन करते नेकां अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला।
राजोरी। राजोरी दौरे के दौरान नेकां नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने रविवार को राजोरी के दलोगड़ा निवासी स्वर्गीय मोहम्मद बशीर खान के जीवन पर मोहम्मद असलम मिर्जा और डॉ. जाविद इकबाल द्वारा लिखी पुस्तक रोशनी का सफीर का विमोचन किया। डॉ. फारुक ने बशीर खान के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि खान ने बिना किसी रंग, जाति और पंथ के समाज के गरीब, दलित और पिछड़े लोगों के उत्थान के लिए अथक प्रयास किया। वह सदैव गरीबों और बेसहारा लोगों की सहायता करते रहे।
डॉ फारुक ने इस दौरान युवाओं से मोहम्मद बशीर खान के बताए मार्ग पर चलने और जीवन में पिछड़े और गरीबों की मदद करने का आह्वान किया। डॉ. फारूक ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण जहां एक तरफ बेरोजगारी बढ़ी है। वहीं दूसरी ओर महंगाई इतनी अधिक हो गई है कि व्यक्ति के लिए दो वक़्त का खाना भी पूरा करना संभव नहीं हो पा रहा है। रोजमर्रा में प्रयोग होने वाली चीजों का दाम आसमान छू रहे थे। उसमें चाहे रसोई गैस हो या डीजल-पेट्रोल हो, सबके दाम आसमान छू रहे हैं। गरीब आदमी इस महंगाई के बोझ तले दबता जा रहा है।
डॉ. अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार से कहा कि वे बेरोजगारी खत्म करने और महंगाई पर अंकुश लगाने के लिए कड़े कदम उठाए ताकि देश की जनता हताहत न हो और उन्हें परेशानी का सामना न करना पड़े और देश के युवाओं को नौकरियां मिलें। ताकि वह भटकने से बचें। थन्नामंडी में कार्यकर्ताओं डॉक्टर फारूक अब्दुल्ला ने लोगों से जनसंपर्क करने और पार्टी को मजबूत करने का आह्वान किया।