सुंदरबनी। वन विभाग की तरफ से सुंदरबनी के ग्रामीण क्षेत्रों के साथ जंगलों में चीड़ के पेड़ों से गिरने वाली नीडल का इस्तेमाल कर घरों में काम आने वाली वस्तुओं को तैयार करने का प्रशिक्षण देने के लिए शिविर लगाया गया है। इसका उद्घाटन रविवार को मुख्य वन संरक्षक के. रमेश कुमार ने किया।
उन्हाेंने कहा कि सुंदरबनी के अधिकतर ग्रामीण क्षेत्र के साथ लगते जंगलों में चीड़ के नीडल गिरकर बरबाद हो जाते हैं। उन्हें इस्तेमाल में लाने के लिए वन विभाग की ओर से शुरू की गई मुहिम के तहत सुंदरबनी के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में दस-दस महिलाओं के चार समूह बनाए जाएंगे। जिन्हें चीड़ के नीडल का इस्तेमाल कर घरों में इस्तेमाल की जाने वाली विभिन्न वस्तुओं को तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक तो चीड़ के नीडल गिरकर बरबाद होते हैं। दूसरा गर्मी में जंगल में लगने वाली आग के लिए यही नीडल मुख्य कारण रहते हैं। उन्होंने कहा कि वन विभाग की ओर से शुरू किए गए इस कार्यक्र म का ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाभ उठाना चाहिए।
वस्तुओं को तैयार करने के प्रशिक्षण की निगरानी कर रही नीलिमा शाह ने कहा कि विभाग की ओर से हर गांव में ऐसे प्रशिक्षण देने के प्रयास किए जाएंगे ताकि लोगों को लाभ मिल सके। कार्यक्रम में एडीसी विनोद कुमार बहनाल, थाना प्रभारी एसडी सिंह, कृषि विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।