हीरानगर। डिग्री कॉलेजों में दाखिले की सीटें सीमित किए जाने से शुरू हुआ बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। वीरवार को विद्यार्थियों ने गिरधारी लाल डोगरा मेमोरियल कॉलेज का गेट बंद कर प्रधानाचार्य का घेराव किया था। पंचायत प्रतिनिधियों का एक प्रतिनिधिमंडल मंडलायुक्त से भी मिला। अब यूथ कांग्रेस ने भी इस मुद्दे को लेकर विद्यार्थियों के संघर्ष को समर्थन देने की घोषणा की है।
शुक्रवार को खानपुर में बैठक के दौरान हीरानगर विधानसभा अध्यक्ष गगनदीप ने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग विद्यार्थियों से शिक्षा का अधिकार छीनने की कोशिश कर रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दाखिले के लिए सीटें सीमित किए जाने से बहुत से विद्यार्थियों को दाखिला नहीं मिल रहा है। उन्हें बार-बार कॉलेजों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। जिन कॉलेजों में न तो बैठने की उचित व्यवस्था है, और न ही सभी विषय पढ़ाने वाले शिक्षक हैं, विद्यार्थियों पर उन कॉलेजों में दाखिला लेने का दबाव बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अगर कंडी क्षेत्र के कूटा गांव का कोई विद्यार्थी हीरानगर कॉलेज की बजाय मढीन कॉलेज में दाखिला लेता है तो उसे सफर भी अधिक तय करना पड़ेगा, और आने जाने के लिए किराया भी अधिक खर्च करना पड़ेगा। उसे अगर हीरानगर कॉलेज नजदीक पड़ता है तो उसे वहीं पर दाखिला दिया जाना चाहिए। यूथ कांग्रेस विद्यार्थियों के संघर्ष को समर्थन करते हुए उच्च शिक्षा विभाग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का सिलसिला शुरू करेगी। कॉलेज के बाहर धरना भी देंगे। और, अगर जरूरत पड़ी तो सड़कों पर भी बैठेंगे। वहीं, समाज सेवक ओ डी अत्री ने सीटें सीमित किए जाने पर उच्च शिक्षा विभाग का विरोध किया, और कहा कि बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न किया जाए। उनकी इच्छानुसार शिक्षा की व्यवस्था की जानी चाहिए।