अपनी मांगों को लेकर कार्यकारी अभियंता कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन करते जलशक्ति विभाग के अस्थाय?
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कठुआ। वर्षों से लंबित मांगों को लेकर पिछले एक सप्ताह से हड़ताल पर बैठे शक्ति विभाग की अस्थायी कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल को एक बार फिर अगले 48 घंटों के लिए बढ़ा दिया है। बुधवार को आल जेएंडके पीएचई आईटीआई ट्रेंड, सीपी वर्कर्स एंड लैंड डोनर्स एसोसिएशन के बैनर तले अस्थायी कर्मचारियों ने विभाग के कठुआ स्थित कार्यकारी अभियंता कार्यालय के समक्ष जोरदार नारेबाजी की। साथ ही ऐलान किया कि जब तक उनकी मांगों के पूरा नहीं किया जाएगा संघर्ष जारी रहेगा।
प्रदर्शनकारियों में शामिल सहदेव सिंह ने अस्थायी कर्मचारियों के प्रति सरकार के रवैए पर रोष जाहिर करते हुए कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान नेताओं को हर मतदाता के पास जाने का वक्त मिल जाता है। लेकिन जब मतदाता को उनकी जरूरत होती है तो उनके पास बात भी सुनने का समय नही होता है। नेताओं के इसी रवैए के कारण उन्हें हड़ताल करने के लिए विवश होना पड़ता है। वहीं, एसोसिएशन के जिला प्रधान शिव नारायण सिंह ने कहा कि विभाग में वर्षों से सेवा दे रहे अस्थायी कर्मचारी लगातार अपने हक के आवाज उठा रहें है, लेकिन सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास का नारा देने वाली सरकार तक उनकी आवाज नही पहुंच रही है। इसी कारण उन्हें अपना बकाया वेतन जारी करने के साथ नियमित करने की प्रक्रिया शुरू करने और केंद्र शासित प्रदेश की तर्ज पर न्यूनतम मजूदरी दिए जाने की मांग के लिए हड़ताल का सहारा लेना पड़ा है। जम्मू कश्मीर में अपनी सेवाएं दे रहे 60 हजार अस्थायी कर्मचारियों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है। उन्होंने कहा कि अभी भी समय है सरकार अस्थायी कर्मचारियों की व्यथा को सुनकर उन्हें उनका हक प्रदान करे। प्रदर्शन में नरिंदर सिंह, राम गोपाल, धर्मपाल, राज कुमार, जितेंद्र शर्मा, रोमी शर्मा, सुरजीत सिंह, जगदीश सिंह, पूर्ण चंद, वीरेंद्र सिंह, बलबीर कुमार, बिट्टू कुमार आदि कर्मचारी नेता उपस्थित रहे।