बसोहली में रामलीला की रिहर्सल करते कलाकार, संवाद।
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बसोहली। विश्व प्रसिद्ध बसोहली रामलीला की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। चूंकि, 7 अक्तूबर से रामलीला मंचन होना है, इसलिए कलाकार अपनी तैयारियों में कोई कसर नहीं छोड़ रहे।
रामलीला क्लब के संगीत निर्देशक से लेकर अन्य वरिष्ठ कलाकार अपने हिस्से में आने वाले काम की बारीकियों को विस्तार पूर्वक ढंग से कलाकारों को समझा रहे हैं। वहीं, हारमोनियम और तबले पर भी शास्त्रीय संगीत की ट्रेनिंग कलाकारों को दी जा रही है, ताकि वह रामलीला मंचन के दौरान बेहतर ढंग से अभिनय कर सकें।
रामलीला क्लब के प्रधान चंद्रशेखर बसोत्रा ने बताया कि कलाकारों को करीब एक माह पूर्व से ही ट्रेनिंग देने का सिलसिला शुरू हो जाता है। बिना पर्दे के खुले दरबार में रामलीला का मंचन होता है। क्लब के सदस्यों के अलावा स्थानीय लोग व कलाकार हर साल सफलतापूर्वक इस रामलीला को सफल बनाते हैं।
प्रधान ने बताया कि इस वर्ष कोरोना महामारी की वजह से रामलीला मैदान में दर्शकों की संख्या सीमित रहेगी। और, रामलीला मैदान में लगने वाले झूले, रेहड़ियों ,खिलौनों की दुकानें, आदि के मालिकों को दुकानें लगाने से साफ मना कर दिया है। रामलीला मैदान में आयोजित रामलीला के मंचन के दौरान सभी कलाकारों को सरकार के जारी नियमों का पालन करने को भी कहा गया है।