कठुआ। गोविंदसर गांव वासियों ने रेल प्रशासन पर कठुआ जिले की अनदेखी किए जाने का आरोप लगाया है। वीरवार को स्थानीय लोगों ने प्रेसवार्ता कर कोरोना महामारी के दौरान कठुआ रेलवे स्टेशन पर तीन प्रमुख ट्रेनों के न रुकने का कड़ा विरोध किया है।
इस मौके पर सामाजिक कार्यकर्ता शशि शर्मा ने कहा कि गत वर्ष कोरोना महामारी का प्रसार रोकने के लिए पूरे देश में ट्रेनों की आवाजाही को बंद कर दिया गया था। जिसे कोरोना नियंत्रित होने के बाद दोबारा बहाल किया गया। लेकिन, इस दौरान कठुआ से होकर गुजरने वाली तीन महत्वपूर्ण ट्रेनों का स्टॉपेज खत्म कर दिया गया। इससे जिले के लोग ही नहीं, बल्कि आसपास के लोग भी प्रभावित हो रहे हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण राजधानी एक्सप्रेस है। इस ट्रेन से प्रतिदिन कठुआ रेलवे स्टेशन से काफी लोग दिल्ली तक का सफर करते थे।
उन्होंने कहा कि सबसे तेज और सुलभ होने के कारण राजधानी एक्सप्रेस में जिले के विद्यार्थी, व्यापारी, सेना के जवान और औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले लोगों की संख्या सबसे ज्यादा रहती थी। लेकिन, ट्रेन का स्टेशन पर रुकना बंद कर दिया गया। इसी तरह कठुआ से गुजरने वाली मुरी एक्सप्रेस भी अब कठुआ स्टेशन पर नहीं रुकती। वहीं, जम्मू से भटिंडा जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेन भी अब कठुआ में नहीं रुक रही है। इस ट्रेन के न रुकने से सिखों के पवित्र तीर्थ स्थल दरबार साहिब को जाने वाले लोग प्रभावित हो रहे हैं।
शशि शर्मा ने कहा कि पहले ही ट्रेनों में जनरल कंपार्टमेंट खत्म कर दिए गए हैं। और, अब प्रमुख ट्रेनों के स्टॉपेज भी बंद हो गए। जम्मू कश्मीर के प्रवेश द्वार पर स्थित इस पहले रेलवे स्टेशन को कई वर्षों से मॉडल रेलवे स्टेशन के तौर पर विकसित करने की मांग करते आ रहे हैं। लेकिन, इस पर आज तक गौर नहीं किया गया। वहीं, कठुआ में डीआरएम कार्यालय खोले जाने की मांग पर भी अभी तक सरकार का रवैया बहुत सकारात्मक नहीं रहा। उन्होंने केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से इस मामले का संज्ञान लेने की मांग की है। इस मौके पर मनोहर सिंह, देवराज, सोनू कुमार, पुरुषोत्तम लाल, दीपक कुमार, आदि उपस्थित रहे।