फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देश में अमन-शांति व भाईचारा कायम करने की दुआ मांगी

विज्ञापन
पारलीवंड स्थित मस्जिद में अलविदा जुमा की नमाज अदा करते रोजदार। संवाद - फोटो : KATHUA
विज्ञापन
कठुआ। पवित्र रमजान माह के आखिरी शुक्रवार की नमाज अलविदा उत्साह के साथ अदा की गई। इस दौरान देश में अमन-शांति व भाईचारा कायम करने की दुआ मांगी गई। विभिन्न मस्जिदों में बड़ी संख्या में लोग नमाज अदा करने पहुंचे। शहर के पारलीवंड स्थित मस्जिद में शुक्रवार की दोपहर हजारों की संख्या में लोगों ने मौलाना जकरिया के अगुवाई में आयोजित नमाज में हिस्सा लिया और नमाज अदा की।
विज्ञापन

इस मौके पर मौलाना जाकिर यानी ने लोगों को नेकी के रास्ते पर चलने और गरीबों, जरूरतमंद लोगों की मदद करने के लिए कहा। उन्होंने रोजदारों को कहा कि खुशियां बांटने से बढ़ती हैं और दुख बांटने से कम होता है। इसलिए हमें एक दूसरे के साथ अपने सुख-दुख साझा करने हैं। इस मौके पर मुस्लिम कमेटी के शकील अहमद टोनी ने कहा कि रमजान के दौरान रोजदार पांच वक्त की नमाज पढ़ते हैं लेकिन आखिरी जुमे की नमाज का विशेष महत्व है। जिसमें नमाजी अल्लाह को याद करते हुए अपने बुरे काम को माफ करने की फरियाद करते हैं। साथ ही खुदा से खुशहाली की दुआ मांगते हैं। ऐसा माना जाता है कि जो लोग इस दिन नमाज पढ़कर अल्लाह की इबादत करते हैं उन पर अल्लाह अपनी रहमत बरसाता है। टोनी ने कहा कि पिछले दो सालों से कोरोना के चलते रमजान माह के बाद आने वाली ईद पर होने वाली सामूहिक नमाज का आयोजन नहीं हो पाया था। लेकिन इस बार ईदगाह में होने वाली सामूहिक नमाज आयोजित होगी। इसके चलते लोगों में काफी उत्साह है। आखिरी जुमे की नमाज अदा करने के लिए कठुआ शहर के साथ-साथ आसपास के गांव से भी बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए। नमाज खत्म होने के बाद लोगों ने मस्जिद के बाहर लगी दुकानों से मुस्लिम धार्मिक साहित्य के साथ-साथ अन्य धार्मिक उपयोग की वस्तुओं की भी खरीदारी की। इस दौरान काफी रौनक देखी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें