कठुआ। बनी-ढग्गर मार्ग पर कुछ वर्षों में हुए सड़क हादसों के बाद भी सबक नहीं लिया गया है। नतीजा यह है कि आज भी इस रूट पर मिनी बसों की समय सारिणी सही न होने के चलते पुलिस और प्रशासन की नाक तले धड़ल्ले से ओवरलोडिंग की जा रही है। हालात यह है कि स्कूली समय और कार्यालयों के समय पर मिनी बसों में छतों से लेकर रेलिंग पर भी यात्री लटके और बैठे रहते हैं।
तीन साल पहले बनी-डुग्गन मार्ग पर सूमो अनियंत्रित होकर खाई में लुढ़की थी, जिसमें एक बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि 19 लोग घायल हुए थे। हादसे के बाद भी सबक नहीं लिया गया है। सिंगल रोड पर चल रही ओवरलोडिंग कब किस बड़े हादसे का सबब बन जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता है। दूर दराज का इलाका होने के चलते तहसीलदार से लेकर पुलिस के पास भी अधिकार हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर विभाग बड़े हादसे के होने का इंतजार कर रहे हैं।