शहर के महाकालेश्वर शिवदुर्गा मंदिर में महाष्टमी पर कंजक पूजन करते भक्त। संवाद
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कठुआ। मां दुर्गा के 9 रूपों की आराधना के पर्व नवरात्रि की अष्टमी को जिला भर के देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं द्वारा उत्साह पूर्वक हवन यज्ञ और कंजक पूजन किया गया। वहीं शाम के समय माता के पवित्र स्वरूप साख का विसर्जन किया गया। इसके साथ ही पूरे नवरात्र भर व्रत रखकर माता की पूजा अर्चना करने वाले भक्तों ने अपने व्रत पूर्ण किए।
पवित्र साखों को विसर्जन की प्रक्रिया सुबह भोर में ही शुरू हो गई थी। इस दौरान शहर के प्राचीन बावलियों के साथ-साथ रावी दरिया व अन्य जल स्रोतों के पास भक्तों ने पहुंचना शुरू कर दिया था। यहां पवित्र साखों की आरती करने के बाद श्रद्धालुओं ने उन्हें विसर्जित किया। शहर के मुख्य बाजार स्थित माता आशापुरी के मंदिर में सुबह से भक्तों की इस मौके पर लंबी कतार देखी गई। जहां लोगों ने पूरे भक्ति भाव से माता का पूजन अर्चन किया। वहीं, शहर के कृष्णा कॉलोनी स्थित श्री महाकालेश्वर शिव दुर्गा मंदिर में हवन यज्ञ का आयोजन किया गया। जिसमें मंदिर कमेटी के सदस्यों के अलावा काफी संख्या में भक्तों ने शामिल होकर आहुतियां डाली और कंजक पूजन किया।
महाष्टमी पर जसरोटा स्थित काली माता के मंदिर में भक्तों की लंबी कतार देखी गई। वही जिला के दूरदराज पहाड़ी उपमंडल बनी स्थित जोड़ियां माता के दरबार में भी दिनभर भक्तों का ताता लगा रहा। महाष्टमी के उपलक्ष्य में बिलावर स्थित सुकराला माता, बाला सुंदरी माता के दरबार में भी बड़ी संख्या में भक्तों ने अपनी हाजिरी लगाकर माता से परिवार के सुख समृद्धि की कामना की। जिले के दूर दराज जोडेयां और दौले माता मंदिर में भी अष्टमी पर भक्तों की भीड़ देखी गई। बड़ी संख्या में भक्त दूर दराज के इन मंदिरों में पहुंचे और देवी के दर पर शीष झुकाया।