कठुआ। बरसात का सीजन अभी शुरूआती दौर में है, और शहर से लेकर हाईवे तक जगह-जगह जलभराव होना शुरू हो गया है। हालात यहीं तक खराब नहीं हैं। जीएमसी की करोड़ों की लागत से बनी नई इमारत को हाईवे से जोड़ने वाला मुख्य मार्ग एक बार फिर से बह गया है। साथ ही बह गए वे लाखों रुपये जो इस मार्ग के दो बार अस्थायी इंतजाम में खर्च किए गए। इतने नुकसान के बाद भी अब एक बार फिर अस्थायी व्यवस्था ही की जा रही है।
राजकीय मेडिकल कॉलेज कठुआ सहायक अस्पताल में जांच के लिए आने वाले लोगों को कोरोना सहित अन्य सैंपलों की जांच कराने के लिए मजबूरन पैदल उस बही हुई खड्ड को पार कर जीएमसी की माइक्रो बायोलॉजी लैब में पहुंचना पड़ा रहा है। दरअसल, बुधवार को आधे घंटे की बारिश के बाद अचानक खड्ड में आई बाढ़ से जीएमसी की अप्रोच सड़क का हिस्सा बह गया था।
सेवानिवृत्त एसपी सरदार खान ने बताया कि अचानक खड्ड में जलस्तर बढ़ने के बाद अप्रोच सड़क बह गई। इस दौरान जीएमसी का स्टाफ और उनकी गाड़ियां परिसर में ही फंस गए थे। जिसके बाद उन्हें लोगों की जमीनों और घरों से होकर बाहर निकाला गया। उन्होंने कहा कि यह जिले का सबसे बड़ा स्वास्थ्य संस्थान है, और इसके लिए उचित मार्ग की व्यवस्था की जानी चाहिए।
उधर, बुधवार रात की बारिश के बाद जहां जम्मू-पठानकोट नेशनल हाईवे पर हटली मोड़ लायंस क्लब लेन के नजदीक एक बार फिर जलभराव हुआ, वहीं शहर के कोर्ट रोड, मुख्य बाजार, पटेल नगर और शिवा नगर की गलियों में भी बरसात का पानी नालों में कम और सड़कों पर अधिक बहता नजर आया। यह तमाशा हर बार का है, लेकिन इसकी तरफ शासन और प्रशासन का ध्यान ही नहीं जाता।