कठुआ। जीएमसी कठुआ को आईसीएमआर-एनसीडीआईआर बेंगलुरु के प्रतिष्ठित अस्पताल आधारित कैंसर रजिस्ट्री परियोजना के साथ पंजीकृत किया गया है। इस परियोजना से जीएमसी कठुआ में आने वाले कैंसर रोगियों, उनके उपचार और मृत्यु दर की पूरी जानकारी रहेगी। इसके लिए जीएमसी कठुआ के सहायक प्रोफेसर, विकिरण ऑन्कोलॉजी डॉ. दीपक अबरोल को संस्थान से प्रधान अन्वेषक के रूप में नामित किया गया है। डॉ. विधु महाजन सहायक प्रोफेसर पैथोलॉजी सह अन्वेषक होंगी। मंगलवार को जीएमसी कठुआ की प्रिंसिपल डॉ. अंजलि नादिर भट्ट, प्रिंसिपल इंवेस्टिगेटर और निदेशक एचबीसीआर, आईसीएमआर-एनसीडीआईआर बेंगलुरु डॉ. प्रशांत माथुर ने एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
डॉक्टरों ने बताया कि परियोजना का उद्देश्य एक राष्ट्रीय सहयोगात्मक नेटवर्क के साथ इलेक्ट्रॉनिक सूचना प्रौद्योगिकी में हालिया प्रगति के माध्यम से कैंसर और इसके जोखिम कारकों पर राष्ट्रीय अनुसंधान डेटाबेस बनाए रखना और विकसित करना है, ताकि इससे एटियोलॉजिकल, महामारी विज्ञान व नियंत्रण अनुसंधान के क्षेत्र में काम किया जा सके। एकत्र किया गया डेटा कैंसर की घटनाओं, मृत्यु दर, प्रवृत्तियों, बोझ, क्लीनिक प्रबंधन, परिणाम और अस्तित्व का अनुमान लगाने में सक्षम बनाता है।
निदेशक समन्वयक न्यू जीएमसी डॉ. यशपाल शर्मा ने आईसीएमआर-एनसीडीआईआर के साथ समन्वय करने में शामिल टीम को बधाई दी और उन्हें रोगियों के प्रति साक्ष्य व अनुसंधान आधारित दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ने के लिए कहा। एचओडी पैथोलॉजी डॉ. सुरिंदर अत्री, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. चित्रा वैष्णवी के साथ-साथ सीएओ बिक्रम दत्त ने अस्पताल में रजिस्ट्री परियोजना को शुरू करने के लिए सभी रसद उपलब्ध करवाई।