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बकरी पालन और डेयरी का कार्य करेंगे किसान

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सीमावर्ती गांव चक चंगा में शिविर के दौरान किसानों को जानकारी देते अधिकारी। - संवाद। - फोटो : KATHUA
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हीरानगर। भारत पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) पर दो दशकों बाद तारबंदी के आगे खेती करने वाले किसानों ने अब यहां गोट फार्मिंग और डेयरी का काम करने का भी मन बनाया है।
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बुधवार को प्रधान सचिव नवीन कुमार चौधरी ने तारबंदी के आगे की गई खेती का जायजा लेने के बाद यहां काम करने वाले किसानों के साथ बैठक के दौरान वादा किया था कि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता पर दिया जाएगा। इसके लिए उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निर्देश भी दिए। उनके निर्देशानुसार बुधवार को चक चंगा गांव में विशेष शिविर का आयोजन किया गया जिसमें कृषि, पशुपालन और भेड़ पालन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
शिविर में वही किसान मौजूद रहे जिन्होंने तारबंदी के आगे खेती का काम किया। इन किसानों ने यहां पर गोट फार्मिंग और डेयरी शुरू करने के लिए अपने नाम दर्ज कराए। इसके अलावा कृषि संबंधित आधुनिक उपकरणों को सब्सिडी पर हासिल करने के लिए भी किसानों ने अपने नाम इस शिविर में अधिकारियों को दिए। यहां मौजूद अधिकारियों ने साफ तौर पर कहा कि उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि इन किसानों की ओर से जिस सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन दिया जाता है उन्हें तुरंत फायदा दिया जाएगा। इसी दौरान उन्होंने कहा कि खेती के लिए सब्सिडी पर मिलने वाले उपकरण आवेदन के बाद मात्र 2 से 3 दिनों के बाद स्वीकृत कर दिए जाएंगे। जबकि इनकी सब्सिडी अप्रैल में दी जाएगी। प्रधान सचिव के दौरे के बाद आयोजित इस विशेष शिविर के लिए स्थानीय किसानों ने प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया और कहा कि इसी तरह से सरकार की ओर से सहायता मिलती रही तो तारबंदी के आगे खेती करने के लिए बाकी सीमावर्ती गांवों के लोग भी प्रेरित होंगे। शिविर के दौरान 5 किसानों ने बकरी पालन, चार ने डेयरी और अन्य आधुनिक उपकरणों के लिए आवेदन किया। योजनाओं का लाभ लेने के लिए विभागीय अधिकारियों की ओर से इन किसानों को बुधवार तक का समय दिया गया है।
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