हीरानगर। सेवानिवृत्त अर्धसैनिक बलों ने एकत्रित होकर वीरवार को अपने हक की आवाज को बुलंद किया है। उन्होंने एक बैठक का आयोजन कर सरकार से अपनी लंबित मांगों को पूरा करने की अपील की है।
रिटायर्ड सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेस वॉरियर्स वेलफेयर एसोसिएशन जम्मू कश्मीर की बैठक का आयोजन रविवार को सीमावर्ती गांव दोलियां जट्टां में हुआ। बैठक का आयोजन शाम लाल बम्बे की अध्यक्षता में किया गया, जिसमें संस्था के प्रदेश अध्यक्ष रिटायर्ड असिस्टेंट कमांडेंट रामलाल डोगरा मुख्यातिथि के तौर पर मौजूद रहे।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि 2014 के चुनावों से पहले मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि अर्धसैनिक बलों को वन रैंक वन पेंशन का लाभ दिया जाएगा। लेकिन, प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने इस पर कोई काम नहीं किया। किसी भी सरकार ने सैनिकों को उनका हक नहीं दिया है। अर्धसैनिक बल फ्रंटलाइन वर्कर हैं। देश की सुरक्षा में कइयों ने अपनी जान गंवाई है। लेकिन, उनके साथ हो रहा भेदभाव बर्दाश्त के काबिल नहीं है। अगर देशभक्त लोगों के साथ सरकार का यह व्यवहार है, तो आम लोगों का क्या होगा?
उन्होंने कहा कि सशस्त्र सेना बल व अर्धसैनिक बल में वेतन व पेंशन के भारी अंतर को दूर किया जाए। इसके अलावा अर्धसैनिक बलों को सीसीएस नियमों से अलग किया जाए। जैसे सेना में एमएसपी दी जाती है, अर्धसैनिक बल को भी दी जाए। नई पेंशन योजना को बंद कर पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए। सीपीसी कैंटीन में जीएसटी की शत प्रतिशत छूट हो। सैनिकों के लिए पैरामिलिट्री सैनिक कल्याण बोर्ड की स्थापना जिला स्तर पर की जाए। अर्धसैनिक बलों के लिए अलग से केंद्रीय विद्यालय की व्यवस्था की जाए।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इन मांगों को लेकर वह संघर्ष कर रहे हैं। और, यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक मांगें पूरी नहीं हो जातीं। इसी दौरान शाम लाल को एसोसिएशन का महासचिव बनाया गया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि जो सुविधाएं सेना के जवानों को दी जा रही हैं, वे अर्धसैनिक बलों को भी दी जानी चाहिए। बैठक में सेवानिवृत्त असिस्टेंट कमांडेंट सुरजीत सिंह, मोहम्मद मजीद, सोमनाथ, थोडू राम, मोहनलाल, जगदीप सिंह, आदि मौजूद रहे।