फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मोह के कारण ही संसार में पाप होते हैं

विज्ञापन
सत्संग के दौरान प्रवचन करते कथावाचक सुभाष शास्त्री। संवाद - फोटो : KATHUA
विज्ञापन
बिलावर। फिंतर गांव में बुधवार को सत्संग का आयोजन किया गया, जिसमें संत सुभाष शास्त्री ने कहा कि संत कबीर ने कितनी सफलता से मानव जाति को संदेश दिया कि जीवन में कुछ पाना है कमाना है तो वह फेला होना चाहिए जो मृत्यु उपरांत भी साथ रहे।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि उसी धन का संचय करो जो आगे काम दें। आपके इस धन में क्या रखा है। गठरी सिर पर रखकर किसी को भी आज तक लेते साथ जाते नहीं देखा। लोभ और मोह के कारण ही इस संसार में अधिकतर पाप कर्म होते हैं, इसलिए लोभ मोह को त्यागने का प्रयास करें बड़े से बड़ा घड़ा भर सकता है, पर मनुष्य का मन नहीं भरता। जो मनुष्य लालसा और वासना से प्रभावित रहते हैं, और जिनका मन कामनाओं का जाल बुनता रहता है, वह कभी तृप्त और संतुष्ट नहीं हो सकते। शास्त्रों में कहा गया है कि अधिक धन संपन्न होने पर भी जो असंतुष्ट रहता है। वह सदा निर्धन है और धन से रहित होने पर भी जो संतुष्ट है वह सदा धनी है। धन संपदा सांसारिक जीवन भोग विलास और विविध प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजनों के सेवन के मामले में सभी प्राणी अतृप्त रहकर ही चले गए चले जाएंगे और जाते हैं। इसलिए कहा गया है कि सदा अपने धर्म का अनुसरण करें क्योंकि मृत्यु होने पर बंधु बांधव मित्रा भी मृत शरीर को लकड़ी व मिट्टी के ठेले के समान समझकर मुख फेर लेते हैं। सिर्फ धर्म ही उसका साथ देता है, और जीव के साथ जाता भी है।
विज्ञापन

इस अवसर पर भजन कीर्तन का आयोजन भी हुआ दोपहर बाद भंडारे का आयोजन भी किया गया, जिसमें कई श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें