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आतंकी हमले में मारे गए लोगों को दी श्रद्धांजलि

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आतंकी हमले में मारे गए लोगों की आत्मा की शांति के लिए हवन यज्ञ करते लोग। - विज्ञप्ति। - फोटो : KATHUA
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हीरानगर। वर्ष 2002 में हीरानगर मोड़ पर आतंकी हमले में मारे गए लोगों की याद में शुक्रवार को 19वां शहीदी दिवस मनाया गया। हर वर्ष यूथ फेडरेशन की ओर से शहीदी दिवस का आयोजन किया जाता है। फेडरेशन के सदस्यों और मृतकों के परिवार से आए लोगों ने मुख्य चौक पर मृतकों की तस्वीरों पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की। मृतकों की आत्मिक शांति के लिए हवन यज्ञ भी किया गया।
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फेडरेशन के चेयरमैन धीरज गुप्ता ने कहा सीमा पार से आए आतंकियों ने 1 अक्टूबर 2002 को निहत्थे लोगों पर हमला कर दिया था। हमले के दौरान 9 लोग मारे गए। जिनकी याद में हर वर्ष शहीदी दिवस का आयोजन किया जाता है। उन्होंने कहा आतंकी हमले के निशान दीवारों से भले ही मिट गए हो लेकिन जिन्होंने अपनों को खोया है, उनके दिलों में घाव आज भी ताजा हैं। हम हमेशा इनके परिजनों के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा शहीदों की याद में स्मारक बनाने की कोशिशें लगातार जारी हैं। कार्यक्रम के दौरान मृतकों के परिजनों को सम्मानित भी किया गया।
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आतंकी हमले में मारे गए लोगों की सूची
19 वर्ष पूर्व हीरानगर मोड़ पर हुए आतंकी हमले में नौ लोगों की जान चली गई थी। इनमें विक्रांत शर्मा, सतीश शर्मा, जनक राज, सांझी राम, जनक राज, चमन लाल, मोहिंदर पाल, कुलदीप सिंह और स्वर्ण कुमार शामिल हैं।
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छह स्थानीय और तीन यात्रियों की हुई थी मौत
आतंकी पाकिस्तान से घुसपैठ कर एक मेटाडोर में सवार हुए। रास्ते में आतंकियों ने अपने हथियार निकाल मेटाडोर को हाईजैक करने की कोशिश की। चालक ने उनकी इस कोशिश को नाकाम कर दिया और हीरानगर मोड़ पर गिरधारी लाल डोगरा चौक में गाड़ी को डिवाइडर से टकराकर आतंकियों का संतुलन बिगाड़ दिया।
इसके बाद आतंकी मेटाडोर से निकलकर मुख्य चौक पर हाइवे से गुजरने वाली गाड़ियों को रोकने लगे। कोई गाड़ी नहीं रुकने पर उन्होंने एक टूरिस्ट बस में ग्रेनेड फेंका और अंधाधुंध गोलाबारी शुरू कर दी। इस दौरान नौ मासूम लोगों की मौत हो गई, जिसमें से छह हीरानगर तहसील के रहने वाले थे, जबकि तीन अखनूर, किश्तवाड़ और हटली कठुआ के निवासी थे।
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