लौंडी मोड़ में हाईवे जाम कर प्रर्दशन करते लोग। - संवाद।
- फोटो : KATHUA
कठुआ/हीरानगर। जम्मू पठानकोट नेशनल हाईवे पर दर्दनाक सड़क हादसे में एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हैं। हादसा लौंडी नाके के नजदीक हुआ। जम्मू की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार बस ने बकरवाल समुदाय के एक रेहड़े को टक्कर मार दी। घायलों को हीरानगर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद घायलों को जीएमसी कठुआ में भर्ती कराया गया। गंभीर हालत को देखते हुए सभी घायलों को जीएमसी जम्मू रेफर कर दिया गया है। उधर, हादसे को लेकर समुदाय के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा, उन्होंने जम्मू पठानकोट नेशनल हाईवे को जाम करते हुए जमकर हंगामा किया।
हादसा वीरवार सुबह साढ़े पांच बजे के लगभग हुआ। जम्मू की ओर से आ रही तेज रफ्तार बस (जेके02बीबी 2787) ने कठुआ सांबा जिले की सरहद पर एक रेहड़े टक्कर मार दी। रेहड़ा चला रही 27 वर्षीय महिला बीना की मौके पर ही मौत हो गई। इसके अलावा घोड़े और मेमने की भी मौत हो गई। घायलों की पहचान दो वर्षीय सद्दाम हुसैन, छह वर्षीय नुसरत, 45 वर्षीय कुरेशां सभी निवासी छप्पड़ मोड़ और 72 वर्षीय मखमूद निवासी कना के रूप में हुई है। घायलों का उपचार जारी है। वहीं मृतका के शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है।
हादसे के बाद बकरवाल समुदाय के लोग प्रशासन पर भड़क गए। उन्होंने मृतक के परिवार के लिए मुआवजे के साथ-साथ गुनहगारों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस अधिकारियों के आश्वासन के बाद भी प्रदर्शनकारी हाईवे जाम कर बैठे रहे। प्रशासनिक अधिकारियों ने राहत राशि समेत बस चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिलाया। डीएसपी पंकज सूदन, एएसपी सुरेश चिब, एसएचओ सुनील शर्मा ने प्रदर्शनकारियों को समझने का प्रयास किया। जिसके बाद प्रदर्शनकारी हाईवे से हट गए। लगभग दो तक हाईवे जाम रहा।
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प्रशासन ने समय पर पहाड़ों पर जाने की नहीं दी अनुमति
जम्मू पठानकोट नेशनल हाईवे पर प्रदर्शन कर रहे समुदाय के लोगों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कहा कि एसडीएम हीरानगर ने समय से खानाबदोश समुदाय के लोगों को पहाड़ पर जाने की अनुमति नहीं दी। आरोप लगाया कि कई दिनों तक परिवार का मुखिया एसडीएम हीरानगर कार्यालय में चक्कर लगाता रहा। खानाबदोशों के पहाड़ों पर जाने का यही समय है। ऐसे में परिवार को मजबूरी में पहाड़ों की ओर जाने के लिए निकलना पड़ा। इसी दौरान हादसे का शिकार हो गए। बस चालक को पकड़ा नहीं जा सका है। आरोप लगाया कि इन लोगों के पास जमीनें ही नहीं है लेकिन प्रशासन वार्षिक स्तर पर होने वाले इस माइग्रेशन के लिए पटवारी की रिपोर्ट तलब करता है। यह सीधे तौर पर समुदाय के लोगों को परेशान करना है। उधर, एसडीएम हीरानगर राकेश शर्मा ने कहा कि हर साल सौ के लगभग डेरे माइग्रेशन को लेकर अनुमति हासिल करते हैं। इसके लिए पशुओं की डॉक्टरी जांच के अलावा निर्धारित प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि किसी को भी परेशान नहीं किया जा रहा है।
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जिला उपायुक्त ने हादसे पर जताया दुख
कठुआ। जिला उपायुक्त कठुआ ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में लौंडी में हुए हादसे पर गहरा दुख प्रकट किया है। बताया कि फौरी राहत के तौर पर रेड क्रॉस फंड से एक लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। पचास हजार रुपये कैश जारी किए गए हैं। इसके साथ ही मामले को प्राथमिकता के आधार पर सड़क हादसा पीड़ित फंड के तहत चलाया जाएगा।