बनी बैसाखी मेले के दौरान डुग्गर लोक संस्कृति प्रस्तुत करते हुए कलाकार। संवाद
- फोटो : KATHUA
कठुआ। बनी में बैसाखी के उपलक्ष्य पर पहली बार बड़े पैमाने पर आयोजित मेला विभिन्न संस्कृतियों की अमिट छाप छोड़ते हुए वीरवार को संपन्न हो गया। बैसाखी उत्सव कमेटी बनी की ओर से यह आयोजना जम्मू कला संस्कृति और भाषा अकादमी के सहयोग से किया गया था। इसमें प्रदेश की विभिन्न संस्कृतियों को प्रस्तुत किया गया। लगभग 110 कलाकारों ने बनी में मंच से अपनी प्रस्तुतियां देते हुए आयोजन को सफल बनाया।
वीरवार को मेले का आगाज परंपरा के अनुुसार किया गया। मंच से जहां जम्मू कश्मीर की पहाड़ी संस्कृतियों की झलक देखने को मिली। वहीं, हिमाचल, जम्मू कश्मीर की सीमा की इस पहाड़ी सब डिवीजन में हिमाचली कलाकारों ने भी अपना जलवा बिखेरा। पहाड़ी कुड और डोगरी कुड आकर्षण का केंद्र बने। स्थानीय कलाकारों के साथ-साथ डुग्गर लोक संस्कृति की झलक ने दिन भर लोगों को कार्यक्रम में बांधे रखा। मेले में बनी, डुग्गन और बसोहली से बड़े लोगों ने शिरकत की। एसडीएम बनी ने आयोजकों की सराहना की। कहा कि इस तरह के आयोजन बनी में पर्यटन के द्वार खोलेंगे। यह मेला प्रदेश में जम्मू कश्मीर के इस खूबसूरत इलाके को पर्यटन मानचित्र पर लाने का काम करेगा। वहीं अकादमी के अतिरिक्त सचिव ने कहा कि प्रदेश सरकार इस तरह के आयोजनों से भाषा, कला और संस्कृति को बढ़ावा दे रही है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के शासन में प्रदेश के दूर दराज इलाके भी अपनी संस्कृति को देश और दुनिया के सामने रखने का काम कर रहे हैं। इस दौरान एसडीएम बनी जोगिंद्र सिंह जसरोटिया मुख्य रूप से मौजूद रहे। वहीं इस आयोजन में अकादमी के अतिरिक्त सचिव संजीव राणा विशेष रूप से मौजूद रहे।
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बैसाखी मेले में हुई इनामों की बौछार
बैसाखी मेले के दौरान बैसाखी उत्सव कमेटी की ओर से रखे गए बंपर इनामों में बाइक से लेकर स्कूटी आकर्षण का केंद्र बने रहे। स्कूटी पूर्ण चंद निवासी संदरूण को हासिल हुआ जबकि बाइक के रूप में ईनाम अश्विनी कुमार निवासी धार कांथल को हासिल हुआ है। सौ रुपये की पर्ची पर मेले में बाइक और स्कूटी का इनाम रखा गया था । स्कूटी विजेता पूर्ण चंद पेशे से मेले में ढोल बजाने का काम करते हैं।
बनी में बैसाखी मेले के दूसरे दिन पहाड़ी कुड प्रस्तुत करते लोक कलाकार। संवाद- फोटो : KATHUA