हीरानगर।भारत का अमृत महोत्सव के तहत शुक्रवार को कृषि विभाग की ओर से दियाला चक में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें किसानों को बासमती के उत्पादन के लिए कीटनाशकों के सुरक्षित उपयोग और अच्छी कृषि पद्धतियों को अपनाने संबंधी जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में कृषि विभाग के निदेशक कमल किशोर शर्मा ने अपने संबोधन के दौरान अंतरराष्ट्रीय मानकों की गुणवत्ता वाली बासमती के उत्पादन बारे जानकारी दी। उन्होंने कहा किसान बासमती की खेती का दायरा बढ़ाएं, ताकि उनकी आय बढ़ सके और अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता वाले कीटनाशक मुक्त बासमती चावल का अधिक से अधिक उत्पादन किया जा सके।
बासमती एक्सपोर्ट डेवलपमेंट फाउंडेशन के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. रितेश शर्मा ने भी लोगों को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि भारत दुनिया में बासमती का नंबर 1 निर्यातक है और जम्मू की बासमती की सबसे अधिक मांग है। निर्यात के लिए कीटनाशक अवशेष मुक्त बासमती का उत्पादन करके क्षेत्र के विस्तार और किसानों की आय को दोगुना करने की काफी संभावनाएं हैं।
इसलिए किसानों को इसके प्रति जागरूक करने के लिए इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन भविष्य में भी किया जाएगा। इस मौके पर जिला कृषि अधिकारी विजय उपाध्याय, डीडीसी सदस्य अभिनंदन शर्मा, डीडीसी सदस्य कर्ण कुमार, बीडीसी चेयरमैन रामलाल कालिया आदि मौजूद रहे।