खामियाजा भुगतना पड़ा हेल्परों, सुपरवाइजरों को। आंगनबाड़ी केंद्रों में कामकाज में आ सकती है परेशानी। बिना साक्षात्कार, बिना पद के रखे कर्मचारियोंको किया गया है बर्खास्त।
नेताओं और अफसरों की लापरवाही का खामियाजा समाज कल्याण विभाग से निकाले गए हेल्परों और सुपरवाइजरों को भुगतना पड़ा है। नियमों को ताक पर रखकर की गई भर्ती के बाद 913 युवा को रखे गए। अब उन्हें प्रशासन ने बर्खास्त किया गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार ये नियुक्तियों नियमों के अनुसार नहीं हुई थी। हेल्पर और सुपरवाइजरों के पद ही स्वीकृत नहीं है।
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ऐसे में तमाम कर्मचारियों को वेतन विभाग दे रहा था। अब किसी भी हेड से बजट न मिलने पर इन कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा गया गया है। पूर्व में तमाम कर्मचारियों को सिफारिश के दम पर विभाग में नौकरी दिलाई। कुछ सालों तक विभाग ने वेतन दिया। मगर लंबे अरसे से कर्मचारियों को वेतन नहीं दिया जा रहा था। कई बार कर्मचारी प्रदर्शन भी कर चुके हैं।
पद ही स्वीकृत नहीं थे। वेतन देने के लिए बजट भी नहीं है। अब तमाम कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया है। नियुक्तियां नियमों के अनुसार नहीं हुई है। - शीतल नंदा, सचिव, सामाजिक कल्याण विभाग