जम्मू-कश्मीर में वर्तमान कोरोना परिदृश्य को देखते हुए विद्यार्थियों के लिए स्कूल, कॉलेज, कोचिंग सेंटर फिलहाल बंद ही रखने का फैसला सरकार ने लिया है। हालांकि, सीमित संख्या में कोविड टीका लगे हुए स्टाफ सदस्य प्रशासनिक कार्यों के लिए शिक्षण संस्थान जा सकेंगे। मुख्य सचिव अरुण कुमार मेहता की अध्यक्षता में हुई आपदा प्रबंधन विभाग की राज्य कार्यकारी कमेटी ने इस संबंध में नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
कमेटी ने कोविड प्रोटोकॉल में कोई नई रियायत भी नहीं दी है। पहले की तरह ही रात आठ से सुबह सात बजे तक नाइट कर्फ्यू प्रदेश के सभी जिलों में लागू रहेगा। इसी तरह इंडोर और आउटडोर कार्यक्रम या समारोह में अधिकतम 25 लोग ही एकत्रित हो सकते हैं। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अटल डुल्लू, गृह विभाग के प्रधान सचिव शालीन काबरा, दोनों संभागों के मंडलायुक्त, उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक मौजूद रहे।
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बैठक में मुख्य सचिव ने उपायुक्तों से कहा कि कोविड एसओपी का कड़ाई से पालन करवाएं और उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करें। कोरोना टेस्ट ज्यादा से ज्यादा हो और संक्रमित व्यक्ति को आइसोलेट कर उसका उपचार सुनिश्चित किया जाए, चाहे वह घर पर हो या अस्पताल में। मरीज को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाई जाए। उपायुक्तों को अपने संबंधित क्षेत्राधिकार में पॉजिटिविटी रेट पर खास निगरानी रखने के भी निर्देश जारी किए गए।