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एनआईए की बड़ी कार्रवाई: जम्मू-कश्मीर के छह जिलों में छापेमारी, आठ आरोपी गिरफ्तार

Fri, 22 Oct 2021 10:20 AM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू

सार

एनआईए ने जम्मू-कश्मीर के छह जिलों में छापा मार कर आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कश्मीर के प्रमुख शहरों में आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, हिजबुल मुजाहिदीन (एचएम) और अल-बद्र द्वारा आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश के मामले में कई स्थानों पर तलाशी ली गई। इससे पहले 10, 12 और 13 अक्तूबर को भी एनआईए ने घाटी में कई जगहों पर छापे मारे थे।
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एनआईए - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के छह जिलों में छापा मारा। इसमें सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए कई आतंकवादियों के आवास भी शामिल हैं। एनआईए ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है। घाटी में आम नागरिकों की हत्या के सिलसिले में एनआईए लगातार कार्रवाई कर रही है। जिन लोगों या संदिग्धों के ठिकानों पर छापे पड़े हैं, उन पर प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से आतंकियों की मदद करने का आरोप हैं।

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कश्मीर में मारे गए नागरिकों के पीछे नए आतंकी संगठनों का हाथ बताया जा रहा है। हालांकि द रेजिस्टेंस फ्रंट, पीपुल्स एंटी फासिस्ट फ्रंट आदि छोटे समूहों को लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे बड़े आतंकी संगठनों द्वारा खड़ा किया गया है।
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पाकिस्तान, इन छोटे समूहों को खड़ा कर खुद की छवि को यह कह कर बचाने का प्रयास कर रहा है कि कश्मीर की इन टागरेट किलिंग में उसका हाथ नहीं है। 'लश्कर-ए-तैयबा' की नई शाखा 'द रजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने भी इन हत्याओं की जिम्मेदारी ली थी। 'यूनाइटेड लिब्रेशन फ्रंट-जम्मू एंड कश्मीर' भी इसी कड़ी का हिस्सा हैं। 'यूएलएफ जेके' ने बिहार के दो लोगों की हत्या करने के बाद जारी पत्र में खुद को फ्रीडम फाइटर बताया है। एनआईए जांच में पाकिस्तान की इस नई रणनीति का खुलासा हो सकता है।

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10 अक्तूूबर को 16 जगहों पर मारा था छापा

इससे पहले 10 अक्तूबर यानी रविवार को भी एनआईए ने जम्मू-कश्मीर में 16 जगहों पर छापा मारा था। एनआईए ने कुलगाम, बारामुला, श्रीनगर, अनंतनाग में कार्रवाई की थी। जानकारी के अनुसार, वॉयस ऑफ हिंद पत्रिका से जुड़े मामलों में यह कार्रवाई की गई है। टीआरएफ (द रेजिस्टेंस फ्रंट) के कमांडर सज्जाद गुल के घर पर भी अधिकारियों ने छापा मारा। 'वॉयस ऑफ हिंद' पत्रिका (जिसका मकसद युवाओं को उकसाना और कट्टरपंथी बनाना है) के प्रकाशन और आईईडी की बरामदगी के संबंध में जम्मू-कश्मीर में 16 जगहों पर कार्रवाई हुई। जिसमें एजाज अहमद टाक पुत्र गुलाम मोहम्मद टाक, मुदासिर अहमद अहंगर पुत्र गुलाम मोहिउद्दीन अहंगर, नसीर मंजूर मीर पुत्र मंज़ूर अहमद मीर और जुनैद हुसैन खान पुत्र मोहम्मद हुसैन खान को अचबल थाने ले जाया गया और उनसे पूछताछ की गई।

12 अक्तूबर को भी 16 जगहों पर मारा था छापा
इससे पहले राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने जम्मू-कश्मीर में आतंकी संबंधी गतिविधियों के मद्देनजर मंगलवार को 16 जगहों पर छापेमारी की थी। एनआईए ने यह छापा लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी), जैश-ए-मोहम्मद (जेएम), हिज्ब-उल-मुजाहिदीन (एचएम), अल बद्र, द रेसिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ), पीपल अगेंस्ट फासिस्ट फोर्सेज (पीएएफएफ), मुजाहिदीन गजवतुल हिंद (एमजीएच) समेत विभिन्न आतंकी संगठनों की साजिशों का पर्दाफाश करने के लिए मारा था। सूत्रों के अनुसार 10 अक्तूबर को नया मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद एनआईए द्वारा छापेमारी की गई।

13 अक्तूबर को भी दो जगहों पर मारा था छापा
जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में दो स्थानों पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पाकिस्तान स्थित लश्कर की शाखा, द रेसिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) के खिलाफ एक नए मामले के सिलसिले में छापेमारी की। एनआईए ने इस दौरान पांच और आतंकवादियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आतंकियों की पहचान मोहम्मद हनीफ चिरालू, हफीज, ओवैस दार, मतीन भट और आरिफ फारूक भट के रूप में हुई। यह मामला लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, हिजबुल मुजाहिदीन, अल बदर और उनके सहयोगियों के कैडर द्वारा जम्मू-कश्मीर और अन्य प्रमुख शहरों में हिंसक आतंकवादी कृत्यों को अंजाम देने की साजिश रचने से संबंधित है।
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